Tuesday, October 13

रातू थाना क्षेत्र का मामला, व्हाट्सऐप पर मैसेज भेजकर एक सप्ताह में रकम देने की चेतावनी; व्यवसायी ने पांच रिश्तेदारों पर साजिश का संदेह जताया

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में एक व्यवसायी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि राहुल दुबे गैंग के नाम पर व्यवसायी मुख्तार साह और उनके बेटे ओवेश साह को जान से मारने की धमकी दी गई है। रंगदारी की रकम नहीं देने पर दोनों की हत्या करने की चेतावनी दिए जाने की बात सामने आई है। इस मामले में पीड़ित मुख्तार साह ने रातू थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस अब मामले से जुड़े आरोपों और धमकी के पीछे की सच्चाई की जांच कर सकती है।

जानकारी के मुताबिक, व्यवसायी के मोबाइल पर व्हाट्सऐप के जरिए धमकी भरा संदेश भेजा गया। इसमें कथित तौर पर एक करोड़ रुपये की मांग की गई और रकम चुकाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया। निर्धारित समय के भीतर पैसे नहीं देने पर व्यवसायी और उनके बेटे को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।

व्हाट्सऐप मैसेज से मांगी गई एक करोड़ की रंगदारी

मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, धमकी देने वाले ने राहुल दुबे गैंग का नाम लिया। संदेश के जरिए व्यवसायी पर जल्द से जल्द रंगदारी की रकम देने का दबाव बनाया गया। रकम नहीं देने पर व्यवसायी और उनके बेटे को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई।

इस तरह की धमकी से परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, धमकी देने वाले व्यक्ति की वास्तविक पहचान क्या है और उसका राहुल दुबे गैंग से कोई संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। केवल किसी गैंग का नाम इस्तेमाल किए जाने से उसके वास्तविक सदस्यों की संलिप्तता साबित नहीं होती।

पांच रिश्तेदारों पर साजिश का संदेह, थाने में FIR

व्यवसायी मुख्तार साह ने इस मामले में अपने पांच रिश्तेदारों पर साजिश रचने का संदेह जताया है। उन्होंने इस संबंध में रातू थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। हालांकि, रिश्तेदारों के खिलाफ लगाए गए संदेह की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इसे जांच का विषय माना जाना चाहिए।

पुलिस जांच में यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि धमकी भरे संदेश किस नंबर से भेजे गए, उनका स्रोत क्या है और रंगदारी मांगने के पीछे कौन लोग हो सकते हैं। साथ ही, शिकायत में जिन लोगों पर संदेह जताया गया है, उनकी भूमिका का निर्धारण भी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकता है।

व्यवसायी और बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंता

रंगदारी की बड़ी रकम मांगे जाने और परिवार को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद मामला गंभीर हो गया है। ऐसे मामलों में धमकी के डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल नंबर और संदेशों की जांच महत्वपूर्ण होती है। व्हाट्सऐप संदेशों के स्क्रीनशॉट, संबंधित मोबाइल नंबर और अन्य उपलब्ध जानकारी जांच में उपयोगी हो सकती है।

फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर इतना स्पष्ट है कि मुख्तार साह ने रंगदारी और धमकी को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। धमकी के पीछे वास्तविक व्यक्ति कौन है, क्या यह किसी संगठित गिरोह की कार्रवाई है और कथित साजिश में किन लोगों की भूमिका है—इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।

 

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