रांची। झारखंड के ऐतिहासिक और धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन मुड़मा जतरा को देखते हुए रांची विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों के हित में परीक्षा की तिथि में बदलाव किया है। 28 अक्टूबर 2026 को निर्धारित परीक्षा अब 29 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जाएगी। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) छात्र मोर्चा की ओर से परीक्षा की तारीख बदलने की मांग उठायी गयी थी। संगठन के पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से विद्यार्थियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने का आग्रह किया था। छात्र मोर्चा के अनुसार, इस पहल के बाद परीक्षा की तिथि में बदलाव किया गया है, जिससे खासकर मांडर कॉलेज के छात्र-छात्राओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
मुड़मा जतरा झारखंड का एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीण और विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले लोग शामिल होते हैं। ऐसे में जतरा के दिन सड़कों पर भीड़ बढ़ने और आवागमन प्रभावित होने की आशंका रहती है। ग्रामीण क्षेत्र में स्थित मांडर कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा केंद्र तक समय पर पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो सकता था। इसी परेशानी को देखते हुए JMM छात्र मोर्चा ने परीक्षा की तिथि बदलने की मांग की थी।
28 अक्टूबर की परीक्षा अब 29 अक्टूबर को
JMM छात्र मोर्चा की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, मुड़मा जतरा के दिन 28 अक्टूबर 2026 को होने वाली परीक्षा की तारीख बदल दी गयी है। अब यह परीक्षा 29 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जाएगी। इस बदलाव से विद्यार्थियों को जतरा के दौरान संभावित यातायात संबंधी समस्याओं के बीच परीक्षा देने की चिंता से राहत मिल सकती है।
छात्र मोर्चा ने कहा कि परीक्षा की तिथि में बदलाव की मांग विद्यार्थियों की सुविधा और उनकी शैक्षणिक जरूरतों को ध्यान में रखकर की गयी थी। संगठन का मानना था कि धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन के दिन बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही के कारण छात्र-छात्राओं को कॉलेज या परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में परीक्षा की तारीख में बदलाव जरूरी था।
हालांकि, विद्यार्थियों को परीक्षा की संशोधित तिथि के संबंध में रांची विश्वविद्यालय की आधिकारिक अधिसूचना और संबंधित कॉलेज की सूचना से पुष्टि कर लेनी चाहिए, ताकि परीक्षा कार्यक्रम को लेकर किसी तरह का भ्रम न रहे।
मुड़मा जतरा के कारण आवागमन की परेशानी की आशंका
मुड़मा जतरा झारखंड की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। हर साल इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण भाग लेते हैं। आयोजन के दौरान मांडर और आसपास के इलाकों में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। इससे सड़क पर भीड़ और यातायात संबंधी समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका रहती है।
मांडर कॉलेज ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने के कारण विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए आवागमन पर निर्भर रहना पड़ता है। जतरा के दौरान संभावित भीड़ को देखते हुए छात्र मोर्चा ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष विद्यार्थियों की परेशानी का मुद्दा उठाया। संगठन की मांग थी कि परीक्षा कार्यक्रम ऐसा हो, जिससे छात्र-छात्राओं को धार्मिक आयोजन और यातायात की स्थिति के कारण परीक्षा देने में दिक्कत न हो।
JMM छात्र मोर्चा ने उठाया विद्यार्थियों का मुद्दा
परीक्षा की तारीख बदलने की मांग को लेकर JMM छात्र मोर्चा के रांची विश्वविद्यालय समिति अध्यक्ष डॉ. अमन कुमार तिवारी, सचिव असद फेराज टिंकू और मांडर कॉलेज अध्यक्ष मो. हमजा ने पहल की। संगठन की ओर से विश्वविद्यालय प्रशासन से विद्यार्थियों की समस्याओं पर विचार करने का आग्रह किया गया था।
छात्र मोर्चा ने कहा कि छात्र-छात्राओं की समस्याओं को प्राथमिकता देना संगठन की जिम्मेदारी है। संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, विद्यार्थियों को पढ़ाई, परीक्षा और कॉलेज से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किये जाते रहेंगे।
विद्यार्थियों के हित में आगे भी संघर्ष का संकल्प
JMM छात्र मोर्चा ने कहा कि संगठन विद्यार्थियों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए आगे भी आवाज उठाता रहेगा। संगठन का संकल्प है कि छात्र-छात्राओं की जायज समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने रखा जाएगा और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास किया जाएगा।
परीक्षा की तिथि में बदलाव को छात्र मोर्चा ने विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से उठाने की दिशा में सकारात्मक पहल बताया है। अब विद्यार्थियों को संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 29 अक्टूबर 2026 को परीक्षा में शामिल होना होगा। इस निर्णय से मुड़मा जतरा के दौरान संभावित आवागमन संबंधी परेशानियों के बीच विद्यार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।


