नई दिल्ली/रांची। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय हॉकी टीमों की स्वर्णिम सफलता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस अवसर पर पुरुष और महिला, दोनों भारतीय हॉकी टीमों ने प्रधानमंत्री को जर्सी भेंट की। वहीं, भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान और झारखंड की बेटी सलीमा टेटे ने प्रधानमंत्री को हॉकी स्टिक भेंट कर इस मुलाकात को खास बना दिया। इस उपलब्धि से झारखंड के खेल प्रेमियों और हॉकी खिलाड़ियों में उत्साह का माहौल है।

इस सफलता में झारखंड की चार महिला हॉकी खिलाड़ियों सलीमा टेटे, निक्की प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया जा रहा है। इन खिलाड़ियों ने अपने खेल और मेहनत से भारतीय महिला हॉकी को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई है।
सलीमा टेटे ने भेंट की हॉकी स्टिक
भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे झारखंड के सिमडेगा जिले से आती हैं। हॉकी के लिए प्रसिद्ध सिमडेगा की मिट्टी में पली-बढ़ीं सलीमा ने अपने प्रदर्शन और नेतृत्व क्षमता से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हॉकी स्टिक भेंट करना उनके लिए गौरवपूर्ण क्षण रहा। सलीमा की उपलब्धि झारखंड की उन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखती हैं।
झारखंड की चार खिलाड़ियों ने बढ़ाया मान
झारखंड लंबे समय से भारतीय महिला हॉकी को प्रतिभाशाली खिलाड़ी देता रहा है। राज्य की चार खिलाड़ियों की चर्चा इस उपलब्धि के संदर्भ में खास है।
1. सलीमा टेटे: सिमडेगा जिले की रहने वाली सलीमा भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान हैं। उनकी नेतृत्व क्षमता और मैदान पर प्रदर्शन ने उन्हें देश की प्रमुख हॉकी खिलाड़ियों में स्थान दिलाया है।
2. निक्की प्रधान: खूंटी जिले से आने वाली निक्की प्रधान भारतीय हॉकी टीम की अनुभवी डिफेंडर हैं। विपक्षी टीम के हमलों को रोकने और रक्षापंक्ति को मजबूत रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
3. ब्यूटी डुंगडुंग: झारखंड की ब्यूटी डुंगडुंग ने महिला हॉकी में अपने खेल से पहचान बनाई है। उनकी भागीदारी राज्य की उभरती हॉकी प्रतिभाओं के लिए उत्साह बढ़ाने वाली है।
4. दीपिका सोरेंग: दीपिका सोरेंग भी झारखंड की प्रतिभाशाली हॉकी खिलाड़ियों में शामिल हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करना राज्य के लिए गर्व की बात है।
पीएम मोदी से मुलाकात में खेल जगत के दिग्गज रहे मौजूद
खिलाड़ियों के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा भी उपस्थित रहीं। इस मुलाकात के दौरान खिलाड़ियों की उपलब्धियों और भारतीय खेलों में उनके योगदान को महत्व दिया गया।
भारतीय हॉकी टीमों की ओर से प्रधानमंत्री को जर्सी भेंट करना टीम भावना और सम्मान का प्रतीक रहा। महिला टीम की कप्तान सलीमा टेटे द्वारा हॉकी स्टिक भेंट किए जाने से झारखंड की खेल प्रतिभा को भी विशेष पहचान मिली।
झारखंड में हॉकी के विकास को मिलेगी प्रेरणा
झारखंड के सिमडेगा, खूंटी और अन्य क्षेत्रों में हॉकी की मजबूत परंपरा रही है। यहां के कई युवा खिलाड़ी सीमित सुविधाओं के बीच अभ्यास करते हुए बड़े मंच तक पहुंचने का सपना देखते हैं। सलीमा टेटे, निक्की प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग जैसी खिलाड़ियों की उपलब्धियां उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
महिला हॉकी में झारखंड की बेटियों की भागीदारी यह भी दिखाती है कि बेहतर प्रशिक्षण, अनुशासन और अवसर मिलने पर ग्रामीण क्षेत्रों की खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित कर सकती हैं।
85 पदकों के साथ भारत की उपलब्धि का दावा
दी गई जानकारी के अनुसार, एशियन गेम्स 2026 में भारत ने कुल 85 पदक जीते। पुरुष और महिला हॉकी टीमों के स्वर्ण पदक को भारतीय खेल जगत की बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया गया है। हालांकि, इस आयोजन, पदक संख्या और प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से संबंधित विवरणों की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
झारखंड की चार हॉकी खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने राज्य में खेल प्रतिभाओं को लेकर नई उम्मीद जगाई है। सलीमा टेटे द्वारा प्रधानमंत्री को हॉकी स्टिक भेंट करना केवल एक औपचारिक क्षण नहीं, बल्कि भारतीय हॉकी में झारखंड की भागीदारी और पहचान का प्रतीक भी है।



