दो दिवसीय ‘झारखंड डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव’ का समापन, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बताया स्वास्थ्य क्षेत्र में नई पहल
रांची, 1 अक्टूबर। झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में नई व्यवस्था विकसित करने की दिशा में आयोजित दो दिवसीय ‘झारखंड डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव’ का समापन हो गया। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से आयोजित इस कॉन्क्लेव में स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के इस्तेमाल और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।

समापन समारोह में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव को राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से इस तरह का आयोजन झारखंड में पहली बार किया गया है। मंत्री के मुताबिक, डिजिटल तकनीक के माध्यम से अस्पतालों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और मरीजों के इलाज से जुड़ी सूचनाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
रांची सदर अस्पताल से होगी डिजिटल ICU व्यवस्था की शुरुआत
कॉन्क्लेव के समापन अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी एक अहम पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में ऐसी डिजिटल ICU व्यवस्था लागू करने की तैयारी है, जिसके माध्यम से मरीज के परिजन अस्पताल में मौजूद न रहते हुए भी मरीज के स्वास्थ्य से जुड़े अपडेट प्राप्त कर सकेंगे।
इस व्यवस्था की शुरुआत सबसे पहले रांची सदर अस्पताल से की जाएगी। इसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके से राज्य के अन्य सदर अस्पतालों में भी लागू करने की योजना है।
इस पहल का उद्देश्य खास तौर पर ICU में भर्ती मरीजों के परिजनों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था को तकनीक के माध्यम से बेहतर बनाना है। इससे दूर रहने वाले परिजनों को मरीज की स्थिति जानने के लिए बार-बार अस्पताल पहुंचने की आवश्यकता कम हो सकती है।
तकनीक के जरिए मरीज और परिजनों के बीच बेहतर संवाद
ICU में भर्ती मरीजों को लेकर परिजनों के बीच अक्सर चिंता बनी रहती है। कई मामलों में मरीज के साथ सीमित संख्या में परिजनों के रहने या ICU में प्रवेश से जुड़े नियमों के कारण हर समय मरीज की स्थिति की जानकारी लेना संभव नहीं होता।
प्रस्तावित डिजिटल व्यवस्था में तकनीक के माध्यम से मरीज के स्वास्थ्य से जुड़े निर्धारित अपडेट परिजनों तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे परिजनों को मरीज की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त करने में सुविधा मिल सकती है।
हालांकि, इस व्यवस्था के तहत किस तकनीक या प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपडेट उपलब्ध कराए जाएंगे और इसकी विस्तृत कार्यप्रणाली क्या होगी, इसकी जानकारी विभाग की ओर से अभी विस्तार से साझा नहीं की गई है।
चरणबद्ध तरीके से अन्य सदर अस्पतालों तक विस्तार
रांची सदर अस्पताल में शुरुआत के बाद डिजिटल ICU व्यवस्था को राज्य के अन्य सदर अस्पतालों तक चरणबद्ध तरीके से पहुंचाने की योजना है। इसका उद्देश्य डिजिटल हेल्थ सेवाओं को केवल राजधानी तक सीमित न रखते हुए राज्य के अलग-अलग हिस्सों में स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना है।
डिजिटल तकनीक के विस्तार से अस्पतालों में मरीजों से संबंधित सूचनाओं के प्रबंधन, परिजनों तक अपडेट पहुंचाने और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं बन सकती हैं।
झारखंड को डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में मॉडल बनाने की दिशा में पहल
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर काम कर रही है। डिजिटल हेल्थ को मजबूत करने के लिए आयोजित कॉन्क्लेव को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
दो दिवसीय आयोजन में स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़ने, आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था को बढ़ावा देने और मरीज केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं के विकास पर चर्चा हुई। सरकार की योजना डिजिटल तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में आगे बढ़ने की है।
मरीजों के साथ परिजनों के लिए भी सुविधाजनक हो सकती है व्यवस्था
डिजिटल ICU व्यवस्था लागू होने के बाद इसका सीधा लाभ ICU में भर्ती मरीजों के परिजनों को मिलने की उम्मीद है। खासकर वैसे परिवार जिनके सदस्य दूसरे शहर या जिले में रहते हैं, उनके लिए मरीज के स्वास्थ्य से जुड़े अपडेट प्राप्त करना आसान हो सकता है।
रांची सदर अस्पताल से इस व्यवस्था की शुरुआत को झारखंड में डिजिटल हेल्थ सेवाओं के विस्तार की शुरुआती कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। इसके बाद अन्य सदर अस्पतालों में विस्तार के साथ राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल का दायरा और बढ़ सकता है।


