रांची। सरला बिरला पब्लिक स्कूल, रांची में ‘दिव्य शक्ति–नारी शक्ति का उत्सव’ के तहत सप्ताहव्यापी महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यालय परिसर भक्ति, उल्लास और भारतीय संस्कृति के रंगों से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की मनोहारी झांकी, भक्तिमय गीत, नृत्य और पारंपरिक वेशभूषा की प्रस्तुतियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के साथ-साथ साहस, करुणा, एकता और सम्मान जैसे जीवन-मूल्यों के प्रति जागरूक करना था।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
महोत्सव का शुभारंभ ‘शुभारंभ’ और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद ‘मां दुर्गा आवाहन’ की विशेष प्रस्तुति दी गई, जिसमें विद्यार्थियों ने मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के साथ अन्य देवी-देवताओं का सजीव चित्रण किया। प्रस्तुति के माध्यम से आदिशक्ति की महिमा, उनके विभिन्न रूपों और उनसे जुड़े आध्यात्मिक संदेशों को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा गया।
कार्यक्रम के दौरान दुर्गा पूजा के महत्व पर आधारित प्रस्तुति के साथ भक्तिमय गीतों और नृत्य ने वातावरण को श्रद्धा एवं उत्साह से भर दिया। विद्यार्थियों की कलात्मक अभिव्यक्ति ने उत्सव को विशेष बना दिया।
नवदुर्गा की वेशभूषा प्रस्तुति ने मोहा मन
महोत्सव का प्रमुख आकर्षण ‘नवदुर्गा: देवी के नौ दिव्य स्वरूप’ विषय पर आयोजित वेशभूषा प्रस्तुति रही। इसमें विद्यार्थियों ने मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों को दर्शाते हुए उनके दिव्य गुणों और विशेषताओं को प्रस्तुत किया। रंग-बिरंगे परिधानों और आकर्षक प्रस्तुतियों के माध्यम से देवी के नौ रूपों की महत्ता को समझाने का प्रयास किया गया।
इस आयोजन ने विद्यार्थियों को भारतीय धार्मिक परंपराओं और त्योहारों के सांस्कृतिक महत्व को जानने का अवसर प्रदान किया। साथ ही, कला और रचनात्मकता के माध्यम से अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच भी मिला।
धुनुची नृत्य और डांडिया ने बढ़ाया उत्सव का उल्लास
कार्यक्रम में पारंपरिक ‘धुनुची नृत्य’ ने विशेष आकर्षण पैदा किया। इस प्रस्तुति के माध्यम से बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा की झलक देखने को मिली। वहीं, डांडिया कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने संगीत और नृत्य के बीच उत्सव का आनंद लिया। डांडिया ने कार्यक्रम में ऊर्जा, उमंग और सामूहिक सहभागिता का रंग भर दिया। इस दौरान विद्यार्थियों को भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं, त्योहारों के महत्व और आपसी एकजुटता की भावना को समझने का अवसर मिला।
नारी शक्ति के सम्मान का दिया संदेश
सभा को संबोधित करते हुए विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मनीषा शर्मा ने कहा कि मां दुर्गा के आदर्श हमें नारी की गरिमा बनाए रखने, उसकी क्षमताओं को पहचानने और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उसके योगदान का सम्मान करने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों में रचनात्मकता और संवेदनशीलता विकसित करने के साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना को भी मजबूत करते हैं। ऐसे कार्यक्रम शिक्षा को पुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और जीवन-मूल्यों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समग्र शिक्षा की प्रतिबद्धता का प्रतीक बना महोत्सव
सप्ताहभर चले ‘दिव्य शक्ति’ महोत्सव ने भक्ति, ज्ञान और आनंद का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को सत्य, साहस, करुणा, एकता और सम्मान जैसे शाश्वत मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा मिली।
यह आयोजन सरला बिरला पब्लिक स्कूल की समग्र शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ सांस्कृतिक रूप से जागरूक, आत्मविश्वासी और जीवन-मूल्यों से परिपूर्ण व्यक्तित्व के रूप में विकसित करना है। ‘दिव्य शक्ति’ महोत्सव ने इसी उद्देश्य को साकार करते हुए भारतीय परंपराओं और नारी शक्ति के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।


