GST फर्जीवाड़े से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड और पश्चिम बंगाल में चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी की टीमें संबंधित ठिकानों पर दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच कर रही हैं।
GST घोटाले से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को झारखंड और पश्चिम बंगाल में कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार, ED की अलग-अलग टीमों ने दोनों राज्यों में कुल चार ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी ने संबंधित लोगों और कारोबारी गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू की है।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई GST से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और वित्तीय लेनदेन की जांच के सिलसिले में की जा रही है। ED यह पता लगाने में जुटी है कि कथित फर्जी लेनदेन के जरिए किस तरह से आर्थिक लाभ हासिल किया गया और इसमें किन लोगों या संस्थाओं की भूमिका रही।
फर्जी GST लेनदेन की जांच
जांच का एक प्रमुख पहलू GST से जुड़े दस्तावेजों और लेनदेन की पड़ताल है। ED यह भी जांच कर रही है कि कहीं बिना वास्तविक माल या सेवा की आपूर्ति के फर्जी बिलों के जरिए Input Tax Credit (ITC) का लाभ तो नहीं लिया गया।
झारखंड और पश्चिम बंगाल से जुड़े GST फर्जीवाड़े के एक बड़े मामले में ED पहले भी कार्रवाई कर चुकी है। एजेंसी के अनुसार, एक मामले की जांच में 135 शेल कंपनियों के नेटवर्क के जरिए बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के फर्जी GST इनवॉयस जारी कर ITC का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल सामने आया था।
कार्रवाई के बाद बढ़ सकती है जांच का दायरा
चार ठिकानों पर चल रही तलाशी के दौरान ED को क्या-क्या दस्तावेज या अन्य साक्ष्य मिले हैं, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। जांच एजेंसी की कार्रवाई पूरी होने के बाद ही बरामदगी और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
ED की यह कार्रवाई GST फर्जीवाड़े से जुड़े वित्तीय लेनदेन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच का हिस्सा बताई जा रही है। मामले में आगे और लोगों या संस्थानों से पूछताछ अथवा अन्य ठिकानों पर कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
