Tuesday, September 22

कोयलांचल पर केंद्र का वार, अवैध कोयला कारोबार और बेनामी संपत्तियों की जांच तेज

बड़े कारोबारियों के ठिकानों पर सुबह से कार्रवाई

केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ पहुंची ED की टीम

देश की आर्थिक राजधानी माना जाने वाला धनबाद अब केंद्र सरकार के निशाने पर है. झारखंड के कोयलांचल धनबाद में मंगलवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया. केंद्रीय एजेंसी ने कथित अवैध खनन, कोयले के परिवहन, भंडारण, वित्तीय लेनदेन और उससे अर्जित बेनामी संपत्तियों की जांच के तहत जिले के 25 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की. कार्रवाई की खबर फैलते ही कोयला कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया.

सुबह 7 बजे शुरू हुई ED की दबिश

मंगलवार की सुबह करीब 7 बजे ईडी के अधिकारी केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों के साथ धनबाद के विभिन्न इलाकों में पहुंचे. टीम ने पहले सभी चिन्हित परिसरों की घेराबंदी की, इसके बाद संबंधित आवासों, कार्यालयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में तलाशी अभियान शुरू किया. सुरक्षा बलों ने पूरे अभियान के दौरान प्रवेश और निकास मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी, ताकि कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति परिसर से बाहर न जा सके.

अवैध कोयला कारोबार पर शिकंजा

यह कार्रवाई कथित रूप से अवैध कोयला कारोबार से जुड़े आर्थिक लेन-देन, फर्जी कंपनियों के माध्यम से निवेश, हवाला ट्रांजैक्शन और बेनामी संपत्तियों के नेटवर्क की जांच का हिस्सा है. ईडी की टीमें दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल डिवाइस, वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को खंगाल रही हैं. अधिकारियों का मानना है कि जांच के दौरान कई अहम वित्तीय सुराग हाथ लग सकते हैं.

इन कारोबारियों पर ED का निशाना

ईडी की कार्रवाई की जद में धनबाद के चर्चित कोयला कारोबारी एलबी सिंह, अनिल गोयल, गणेश यादव, पप्पू मंडल, अनूप चौहान, हरेंद्र चौहान और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रोहित यादव सहित उनके कई सहयोगियों के ठिकाने शामिल हैं. इसके अलावा शेखर यादव, आलोक और आउटसोर्सिंग कंपनियों से जुड़े अन्य व्यावसायिक सहयोगियों के परिसरों में भी तलाशी ली जा रही है. माना जा रहा है कि एजेंसी इन सभी के बीच वित्तीय लेन-देन और कारोबारी संबंधों की भी जांच कर रही है.

अवैध खनन से हलकान है झारखंड

ईडी को प्रारंभिक जांच में ऐसे इनपुट मिले थे कि अवैध कोयला कारोबार से अर्जित धन को विभिन्न कंपनियों, अचल संपत्तियों और अन्य निवेश माध्यमों में लगाया गया है. इन्हीं सूचनाओं के आधार पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया. हालांकि, देर शाम तक एजेंसी की ओर से जब्त किए गए दस्तावेजों, नकदी या अन्य बरामदगी को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है.

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