रांची। अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मंदिर में 22 सितंबर 2026 को एकादशी उत्सव श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। श्री श्याम प्रभु का विशेष श्रृंगार कर उन्हें नवीन वस्त्र यानी बागा पहनाया गया। इसके साथ ही स्वर्ण आभूषणों से बाबा को अलंकृत किया गया। फूलों और तुलसी दल की मालाओं से किए गए श्रृंगार ने बाबा के स्वरूप को और मनमोहक बना दिया।
फूलों और स्वर्ण आभूषणों से हुआ बाबा का विशेष श्रृंगार
एकादशी उत्सव के अवसर पर श्री श्याम प्रभु को गेंदा, रजनीगंधा और गुलाब के फूलों के साथ तुलसी दल की मालाओं से सजाया गया। मंदिर में विराजमान बजरंगबली और शिव परिवार का भी विशेष श्रृंगार किया गया।
विशेष श्रृंगार के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर बाबा के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने बाबा के समक्ष अपनी श्रद्धा अर्पित करते हुए सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
रात 9 बजे शुरू हुआ भजन-कीर्तन
एकादशी उत्सव के तहत रात 9 बजे श्री श्याम प्रभु के जयकारों के बीच पावन ज्योत प्रज्वलित की गई। इसके बाद श्री श्याम मंडल के सदस्यों ने भावपूर्ण संकीर्तन की शुरुआत की। भजन-कीर्तन के दौरान मंदिर परिसर बाबा श्याम के जयकारों और भजनों से गूंज उठा।
संकीर्तन में “हमें तो जो भी दिया श्याम बाबा ने दिया”, “अलबेली इनकी सरकार रटे जा नाम प्यारे”, “श्याम तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है” और “श्याम सुंदर मेहर की नजर” समेत कई भजनों की प्रस्तुति दी गई। भजनों की लय पर श्रद्धालु और भक्तगण झूमते नजर आए।
भजनों पर झूमते रहे श्रद्धालु
भजन-कीर्तन के दौरान मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ संकीर्तन में भाग लिया। जैसे-जैसे भजनों की गति बढ़ती गई, भक्तों का उत्साह भी बढ़ता गया। मंदिर परिसर में देर रात तक भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
श्री श्याम मंडल के सदस्यों ने संकीर्तन के माध्यम से बाबा श्याम की महिमा का गुणगान किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से बाबा के जयकारे लगाए।
मेवा, फल, खीर-चूरमा और केसरिया दूध का लगा भोग
उत्सव के दौरान श्री श्याम प्रभु को विभिन्न प्रकार के मेवा और फलों के साथ खीर-चूरमा तथा केसरिया दूध का भोग अर्पित किया गया। श्रद्धालुओं ने भोग के दर्शन किए और बाबा से परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की।
रात्रि 12 बजे महाआरती का आयोजन किया गया। महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और बाबा श्याम के जयकारों के बीच आरती की। इसके बाद भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। प्रसाद ग्रहण करने के साथ एकादशी उत्सव का समापन हुआ।
आयोजन को सफल बनाने में इनका रहा सहयोग
एकादशी उत्सव को सफल बनाने में श्री श्याम मंडल से जुड़े सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन में ओम जोशी, रमेश सारस्वत, चन्द्र प्रकाश बागला, धीरज बंका, मनोज ढांढणनियां, गौरव परसरामपुरिया, नितेश केजरीवाल, नितेश लाखोटिया, विकास पाडिया और प्रियांश पोद्दार का विशेष सहयोग रहा।
मंडल के सदस्यों ने पूजा, संकीर्तन, महाआरती और प्रसाद वितरण की व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई।
23 सितंबर को द्वादशी पर विशेष भोग
श्री श्याम मंडल की ओर से बताया गया कि 23 सितंबर 2026 को द्वादशी के अवसर पर श्री श्याम प्रभु को शाम 4:30 बजे खीर-चूरमा का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा। मंडल ने श्रद्धालुओं से इस अवसर पर मंदिर पहुंचकर बाबा के दर्शन और प्रसाद ग्रहण करने का आग्रह किया है।
एकादशी उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह ने मंदिर परिसर को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। जयकारों, भजन-कीर्तन और महाआरती के बीच आयोजित यह उत्सव श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव का अवसर बना।
