लोहरदगा। झारखंड के लोहरदगा शहर में सीमेंट कारोबारी को कथित तौर पर लेवी के लिए धमकाने के बाद उसकी दुकान पर फायरिंग का मामला सामने आया है। शहर के हरमू रोड स्थित मैना बगीचा इलाके में वर्मा सीमेंट की दुकान के शटर पर शुक्रवार रात अज्ञात अपराधियों ने गोली चलाई। घटना के बाद आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। मामले में राहुल सिंह गिरोह के नाम से धमकी दिए जाने और फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का दावा करने वाला संदेश भी सामने आया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक वायरल संदेश और गिरोह की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
दो दिन पहले WhatsApp पर मिली थी धमकी
जानकारी के अनुसार, मामले की शुरुआत करीब दो दिन पहले हुई थी। सीमेंट कारोबारी राजेंद्र वर्मा को WhatsApp के जरिए कथित तौर पर लेवी की मांग को लेकर धमकी मिली थी। बताया जा रहा है कि संदेश में रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी।
धमकी मिलने के बाद कारोबारी ने मामले की शिकायत सदर थाना पुलिस से की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसके बाद शुक्रवार रात दुकान पर हुई फायरिंग ने मामले को और गंभीर बना दिया।
दुकान के शटर पर चली गोलियां
बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात अज्ञात अपराधी हरमू रोड स्थित कारोबारी की दुकान के पास पहुंचे और शटर पर फायरिंग कर फरार हो गए। फायरिंग की घटना से इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पुलिस को घटना की सूचना मिली तो इलाके में गश्त बढ़ाई गई और घटनास्थल की जांच शुरू की गई।
रिपोर्टों के मुताबिक, फायरिंग के बाद दुकान से जुड़े कारोबारी और उनके परिवार को तत्काल घटना की जानकारी नहीं थी। पुलिस ने एहतियात के तौर पर आसपास के इलाके में निगरानी बढ़ाई। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वारदात को अंजाम देने वाले अपराधी कितने थे और वे किस रास्ते से आए और किस दिशा में भागे।
वायरल संदेश में दोबारा गोली मारने की धमकी
फायरिंग की घटना के बाद सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर एक कथित धमकी भरा संदेश भी सामने आया। इसमें राहुल सिंह गैंग की ओर से घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है। संदेश में कारोबारी को फोन कॉल रिसीव नहीं करने पर दोबारा गोली मारने की धमकी दिए जाने की बात सामने आई है। संदेश में ‘आजाद सरकार’ नाम का भी उल्लेख बताया गया है।
हालांकि, इस संदेश की वास्तविकता और फायरिंग की घटना से इसके संबंध की पुलिस स्तर पर पुष्टि होना अभी बाकी है। यही वजह है कि जांच में वायरल संदेश के स्रोत, भेजने वाले व्यक्ति और उसके पीछे सक्रिय नेटवर्क की भी पड़ताल महत्वपूर्ण हो गई है।
CCTV और तकनीकी जांच से खुलेगा राज
फायरिंग की घटना के बाद पुलिस अब घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल सकती है, ताकि अपराधियों की पहचान और उनकी आवाजाही का पता लगाया जा सके। इसके साथ ही पुलिस फायरिंग स्थल से मिले साक्ष्यों, गोली के खोखे और अन्य तकनीकी सबूतों की जांच कर रही है।
जांच का एक अहम पहलू यह भी होगा कि कारोबारी को मिली WhatsApp धमकी और दुकान पर हुई फायरिंग के बीच सीधा संबंध है या नहीं। यदि दोनों घटनाओं के बीच संबंध की पुष्टि होती है, तो पुलिस के लिए अपराधियों तक पहुंचने में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
एक सप्ताह में दूसरी बड़ी वारदात से बढ़ी चिंता
लोहरदगा में यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब जिले में कथित लेवी को लेकर अपराधियों की गतिविधियां पहले भी सामने आई हैं। सितंबर के अंतिम सप्ताह में कुड़ू थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन NH-39 फोरलेन परियोजना स्थल पर अपराधियों द्वारा मशीन में आग लगाने और पुलिस पर फायरिंग करने की घटना हुई थी। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की थी और मामले में राहुल सिंह समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।
इन घटनाओं के बीच शहर के एक कारोबारी की दुकान पर फायरिंग ने कारोबारियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि पुलिस ने नहीं की है।
फिलहाल पुलिस का फोकस फायरिंग करने वालों की पहचान, धमकी देने वाले व्यक्ति या समूह का पता लगाने और कारोबारी को मिली धमकी के पीछे की पूरी कड़ी सामने लाने पर है। हत्या या किसी बड़े नुकसान की घटना नहीं हुई है, लेकिन धमकी के बाद दुकान पर गोली चलने से मामला गंभीर हो गया है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वारदात के पीछे वास्तव में कौन था और इसका मकसद क्या था।
