झारखंड के गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। दबंगों ने डाँड़ेडीह (बांझी रोड) स्थित एक अवैध शराब अड्डे के पास मुखिया अनुपम भगत पर दिनदहाड़े जानलेवा हमला कर दिया। बाइक पर सवार होकर आए तीन अपराधियों ने मुखिया को निशाना बनाते हुए दो राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग की, लेकिन गनीमत रही कि मुखिया इस हमले में बाल-बाल बच गए। इस दुस्साहसिक वारदात के तुरंत बाद पुलिस की बढ़ती दबिश को देखते हुए मुख्य आरोपियों में से एक नयन यादव ने पोड़ैयाहाट थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया है। यह घटना स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
मुखिया अनुपम भगत पर हमला: पुरानी रंजिश और गवाही का नतीजा
पुलिस के अनुसार, यह जानलेवा हमला कोई अचानक की घटना नहीं है, बल्कि इसकी पृष्ठभूमि एक पुरानी रंजिश और अदालत में गवाही से जुड़ी हुई है। पीड़ित मुखिया अनुपम भगत ने बताया कि वह बांझी स्थित अपने घर से मोटरसाइकिल पर सवार होकर किसी काम से निकले थे। इसी दौरान घात लगाए बैठे बाइक सवार अपराधियों ने उन्हें देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। मुखिया के अनुसार, दोनों गोलियां उनके सिर के बेहद करीब से छूकर निकल गईं और उन्होंने किसी तरह कूदकर अपनी जान बचाई। यह भयावह मंजर बांझी रोड और पोड़ैयाहाट बाजार क्षेत्र में भीषण दहशत का कारण बन गया।
बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले इलाके के चर्चित शैलेंद्र भगत की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी अंकित यादव के खिलाफ मुखिया अनुपम भगत ने अदालत में मजबूती से गवाही दी थी, जिससे अपराधी गुट लगातार नाराज चल रहा था। आत्मसमर्पण करने वाला नयन यादव और फरार मुख्य आरोपी अंकित यादव आपस में सगे भाई हैं। पुलिस ने खुलासा किया है कि इस हमले में उनके साथ विकास यादव भी शामिल था, जो फिलहाल फरार है। यह घटना अपराधियों के बेखौफ इरादों को दर्शाती है और न्याय के लिए लड़ने वालों के सामने खड़े खतरों को उजागर करती है।
इलाके में आक्रोश और प्रदर्शन: लोगों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
इस दुस्साहसिक वारदात के बाद स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों में भारी आक्रोश फैल गया। कानून-व्यवस्था से नाराज लोगों ने तुरंत पोड़ैयाहाट मुख्य बाजार को पूरी तरह बंद करा दिया और मुख्य सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना था कि पोड़ैयाहाट में हाल के दिनों में आपराधिक हौसले सातवें आसमान पर हैं और पहले भी कई बार गोलीबारी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
- स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से फरार अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की।
- उन्होंने यह भी मांग की कि अपराधियों को संरक्षण देने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
- क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया।
ग्रामीणों का यह गुस्सा स्वाभाविक था, क्योंकि ऐसी घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं, बल्कि आमजन के जीवन को भी खतरे में डालती हैं। व्यापारियों का कहना था कि ऐसे माहौल में व्यापार करना भी मुश्किल हो गया है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप झारखंड पुलिस की वेबसाइट पर सुरक्षा संबंधी अपडेट देख सकते हैं।
पुलिस की तत्परता और जांच जारी
तनाव की सूचना मिलते ही पोड़ैयाहाट थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची और उग्र भीड़ को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रण में लिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मुखिया अनुपम भगत और प्रत्यक्षदर्शियों से घटना की विस्तृत जानकारी ली है। पुलिस ने सरेंडर करने वाले आरोपी नयन यादव को कस्टडी में लेकर कड़ाई से पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि हमले में शामिल अंकित और विकास यादव की लोकेशन का पता लगाकर उन्हें जल्द से जल्द दबोचा जा सके।
पुलिस अधीक्षक ने आश्वासन दिया है कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही अन्य फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल, एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और मामले की जांच जारी है। यह देखना होगा कि पुलिस कब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पाती है और पोड़ैयाहाट में शांति बहाल कर पाती है। इस बीच, क्षेत्र में सतर्कता का माहौल बना हुआ है। [INTERNAL_LINK_HOLDER]


