डुमरी विधायक जयराम महतो और पुलिस एसोसिएशन के बीच चल रहे विवाद के बीच विधायक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बात रखते हुए साफ किया है कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि शोषणकारी व्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की समस्याओं को उन्होंने विधानसभा से लेकर सड़क तक उठाया है। उनका दावा है कि विधानसभा में प्रतिनियुक्त पुलिसकर्मियों को समय पर भोजन न मिलने का मुद्दा भी उन्होंने सदन में उठाया था, जिसके बाद स्थिति में सुधार हुआ। हालांकि, उनका आरोप है कि उस समय पुलिस एसोसिएशन के किसी सदस्य ने न तो इस मुद्दे पर ध्यान दिया और न ही धन्यवाद देना जरूरी समझा।
बरवाअड्डा थानेदार मामले का जिक्र
विधायक ने बरवाअड्डा थाना से जुड़े एक पुराने मामले का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने एक गरीब दलित युवक के पक्ष में थानेदार से सिर्फ यही कहा था कि बिना वजह किसी को प्रताड़ित न किया जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कई नेताओं ने कथित तौर पर कोयला माफिया और दबंग लोगों को थाने से छुड़ाया, तब पुलिस एसोसिएशन कहां थी। हालांकि इन आरोपों पर दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया अब तक सामने नहीं आई है।
छात्र आंदोलन और सरकार पर साधा निशाना
जयराम महतो ने छात्रों के आंदोलन का भी जिक्र करते हुए कहा कि उनकी पार्टी झारखंड में छात्रों के अधिकार की लड़ाई को लेकर मुखर है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस आंदोलन को कमजोर करने के लिए सरकार और कथित घोटालेबाजों के सिंडिकेट की साजिश चल रही है, ताकि नियुक्ति माफिया के कारनामों से जनता का ध्यान भटकाया जा सके। पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा कि सरकार दबाव में नहीं ला सकती और वे ‘न झुकेंगे, न रुकेंगे, न टूटेंगे’ का संकल्प दोहराते हुए संघर्ष जारी रखने की बात कही।
इसे भी पढ़े – रांची यूनिवर्सिटी में पीएचडी की खाली सीटों पर निकली वैकेंसी, जल्द करें अप्लाई


