धनबाद। धनबाद के कतरास क्षेत्र के छाताबाद के हजारी-जयनगर इलाके में शुक्रवार शाम अचानक जमीन धंसने से अफरा-तफरी मच गई। करीब चार बजे हुई इस घटना में लगभग 10 घर बुरी तरह प्रभावित हुए और देखते ही देखते कई मकान जमीन में समा गए। इनमें चार दोमंजिला मकान भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इलाके में करीब 20 फीट तक जमीन धंस गई।
घटना के समय मोहल्ले के कई लोग अपने घरों में मौजूद थे। अचानक जोरदार आवाज और जमीन में कंपन महसूस होने के बाद लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकलने लगे। इस दौरान मोहम्मद सज्जाद के घर में मौजूद करीब आठ लोग अंदर फंस गए। स्थानीय लोगों की मदद से सीढ़ी लगाकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
सो रही महिला पर गिरी दीवार
भू-धंसान के दौरान सज्जाद के घर की हुसैना बानो सो रही थीं। इसी दौरान घर की दीवार उनके ऊपर गिर गई, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट लगी। हादसे में कई परिवारों के घर और घरेलू सामान को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
प्रभावित परिवारों में मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद नईम, मोहम्मद रियाज, मोहम्मद मुर्तजा, मोहम्मद कलाम, मोहम्मद इमामुल, सगीर खान, सबुल खान और मोहम्मद हसनैन खान समेत अन्य लोग शामिल हैं।
अवैध खनन पर उठे सवाल
घटना के बाद भू-धंसान की वजह को लेकर सवाल उठने लगे हैं। गोविंदपुर क्षेत्र के महाप्रबंधक सत्काम आनंद ने प्रारंभिक जांच के आधार पर अवैध खनन को घटना की मुख्य वजह बताया है। उनके अनुसार, अवैध खनन के दौरान बीसीसीएल की ओर से छोड़े गए सुरक्षा पिलरों को काटे जाने की वजह से जमीन की स्थिरता प्रभावित हुई हो सकती है।
हालांकि, स्थानीय लोगों ने न्यू आकाशकिनारी कोलियरी परियोजना में कथित हेवी ब्लास्टिंग को भी घटना से जोड़ते हुए जांच की मांग की है। फिलहाल भू-धंसान की वास्तविक वजह जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
कई थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन और बीसीसीएल की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। इलाके में किसी और हादसे की आशंका को देखते हुए कतरास, बाघमारा, बरोरा, सोनारडीह, धर्माबांध, मधुबन, महुदा, अंगारपथरा, खरखरी, राजगंज और रामकनाली थानों की पुलिस को तैनात किया गया।
स्थानीय पार्षद मो. शहाबुद्दीन और पूर्व पार्षद प्रतिनिधि मासूम खान ने भी मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया। प्रभावित परिवारों के मुआवजे और पुनर्वास को लेकर बीसीसीएल प्रबंधन और प्रशासन से बातचीत की जा रही है।
रेस्क्यू टीमें तैनात, शिफ्टिंग की पेशकश
बीसीसीएल की कई कोलियरियों की रेस्क्यू टीमों के साथ धनसार की विशेष रेस्क्यू टीम और सीआईएसएफ के जवानों को भी मौके पर लगाया गया है। प्रभावित लोगों के लिए रहने और भोजन की व्यवस्था की जा रही है।
बीसीसीएल ने प्रभावित परिवारों को सिंदुआरटांड़ स्थित क्वार्टरों में शिफ्ट करने की पेशकश की है। हालांकि, कई परिवार फिलहाल अपना घर छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।
7 जुलाई को भी हुआ था बड़ा भू-धंसान
छाताबाद क्षेत्र में इस तरह की घटना पहले भी हो चुकी है। 7 जुलाई को छाताबाद चार नंबर ग्राउंड के पास एक तालाब में बड़ा गोफ बन गया था। देखते ही देखते तालाब का पूरा पानी जमीन में समा गया था और करीब आधा दर्जन घर भी जमींदोज हो गए थे।
उस घटना के बाद प्रशासन ने खतरे को देखते हुए आसपास के करीब 10 घरों को खाली कराया था। हालांकि, बाद में कुछ परिवार दोबारा अपने घरों में लौट आए थे।
बार-बार हो रही भू-धंसान की घटनाओं के बाद छाताबाद के लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है और प्रशासन की जांच के बाद ही यह साफ होगा कि इस बार जमीन धंसने की असली वजह क्या रही और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है।
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