Friday, October 2

जनजातीय बच्चों को बेहतर शिक्षा और विकास के अवसर देने की पहल, लक्ष्मी सराफ बनीं केंद्र की मुख्य संरक्षक

रांची: जोहार लॉर्ड बुद्धा फाउंडेशन और भारत विकास परिषद की रांची मध्य एवं महानगर शाखा के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को हुंडरू जारा गांव में दिशोम गुरु बाल संस्कार केंद्र का उद्घाटन किया गया। केंद्र की शुरुआत बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से की गई है। कार्यक्रम में गांव के बुद्धिजीवियों और गणमान्य लोगों के अलावा सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई लोग मौजूद रहे।

केंद्र का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्रीमती लक्ष्मी सराफ, विशिष्ट अतिथि श्री ओमप्रकाश सराफ और इंजीनियर ग्रीश प्रसाद सिंह ने संयुक्त रूप से किया। अतिथियों ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर और पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

शिक्षा के साथ संस्कार और आत्मविश्वास पर जोर

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती लक्ष्मी सराफ ने कहा कि यह केंद्र बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ जनजातीय समुदाय के बच्चों को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा के साथ उन्हें सही संस्कार और मार्गदर्शन देना भी जरूरी है।

इंजीनियर ग्रीश प्रसाद सिंह ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में इस तरह के और केंद्र स्थापित किए जाने चाहिए, ताकि बच्चों को शिक्षा और विकास के बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक अवसर पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया।

वहीं, विशिष्ट अतिथि ओमप्रकाश सराफ ने कहा कि शिक्षा और संस्कार के माध्यम से बच्चों के लिए आगे बढ़ने के रास्ते तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने बच्चों के सर्वांगीण विकास में शिक्षा की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

दिशोम गुरु के विचारों को आगे बढ़ाने की पहल

जोहार लॉर्ड बुद्धा फाउंडेशन के सीईओ डॉ. भारत भूषण ने केंद्र की शुरुआत के उद्देश्य पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने अपने सार्वजनिक जीवन में आदिवासी समाज के उत्थान और अधिकारों के लिए काम किया। उनका जोर समाज में जागरूकता, संगठन और शिक्षा को बढ़ावा देने पर रहा।

डॉ. भारत भूषण ने कहा कि इन्हीं विचारों और सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से दिशोम गुरु बाल संस्कार केंद्र की शुरुआत की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र का उद्देश्य केवल बच्चों को पढ़ाना नहीं है, बल्कि उन्हें अनुशासन, नैतिक मूल्यों, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारियों से भी जोड़ना है।

लक्ष्मी सराफ को बनाया गया मुख्य संरक्षक

जोहार लॉर्ड बुद्धा फाउंडेशन की ओर से श्रीमती लक्ष्मी सराफ को दिशोम गुरु बाल संस्कार केंद्र का मुख्य संरक्षक नियुक्त किया गया है। उनकी देखरेख और मार्गदर्शन में केंद्र की शैक्षणिक एवं संस्कारात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा।

कार्यक्रम में फाउंडेशन के सीईओ डॉ. भारत भूषण, जुगल किशोर वेदिया समेत हुंडरू जारा गांव के कई बुद्धिजीवी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में जुगल किशोर वेदिया, बुद्धराम वेदिया, मदन कुमार वेदिया, चरबा भगत और सवित्री कुमारी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

आयोजकों के अनुसार, केंद्र के माध्यम से बच्चों के शैक्षणिक विकास के साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारियों की समझ विकसित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

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