रांची: झारखंड में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के असर से राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होने वाली हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को छह जिलों में ऑरेंज अलर्ट और नौ जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और आसपास के पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट पर बना निम्न दबाव अब अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र में बदल चुका है। इसके आगे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है। इसी सिस्टम का असर झारखंड के मौसम पर पड़ रहा है।
छह जिलों में ऑरेंज अलर्ट
सोमवार को गढ़वा, पलामू, लातेहार, चतरा, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।
वहीं हजारीबाग, बोकारो, कोडरमा, रांची, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, गिरिडीह और धनबाद में यलो अलर्ट है। इन इलाकों में गरज के साथ बारिश और वज्रपात के अलावा तेज हवा चलने की भी संभावना जताई गई है।
अगले 24 घंटे रहेंगे अहम
मौसम विभाग के अनुसार, मौजूदा सिस्टम उत्तर ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल से होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसके चलते अगले 24 घंटे झारखंड में मौसम की गतिविधियां काफी सक्रिय रह सकती हैं।
राजधानी रांची में दिनभर बादल छाए रहने और अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है।
1 और 2 सितंबर को भी कई जिलों में बारिश
बारिश का दौर सोमवार तक ही सीमित नहीं रहेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 1 सितंबर को गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, रांची, खूंटी, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में यलो अलर्ट रहेगा।
2 सितंबर को गुमला, सिमडेगा, खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश की संभावना है, जिसके मद्देनजर इन जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
रांची और आसपास के इलाकों में 1 और 2 सितंबर को एक से अधिक बार हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 3 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आने के संकेत हैं, हालांकि कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश जारी रह सकती है। 4 सितंबर को भी रांची समेत कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और 5 सितंबर को गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।
भारी बारिश के साथ जलभराव का खतरा
जिन इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है, वहां निचले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। तेज हवा और वज्रपात की आशंका को देखते हुए भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
रांची में सोमवार को अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। लगातार बारिश के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने की संभावना है।
बारिश की कमी अब सिर्फ 8 फीसदी
मानसून की सक्रियता का असर राज्य की कुल बारिश के आंकड़ों पर भी दिखाई दे रहा है। 1 जून से 30 अगस्त तक झारखंड में 729.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में 792.5 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। यानी राज्य में बारिश की कमी अब घटकर करीब 8 फीसदी रह गई है।
कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश भी दर्ज की गई है। पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 48 फीसदी, लातेहार में 23 फीसदी, सरायकेला-खरसावां में 9 फीसदी और रांची में 8 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है।
वज्रपात को लेकर विशेष सावधानी
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है। वज्रपात की आशंका के दौरान खुले मैदान में जाने और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। लोगों को बिजली के खंभों और तारों से दूरी बनाए रखने तथा तालाब, नदी और अन्य जलाशयों के पास नहीं जाने को कहा गया है।
तेज बारिश के दौरान गैरजरूरी यात्रा से बचने और मौसम साफ होने तक सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह भी दी गई है।
बारिश से शहरों की हवा भी हो सकती है साफ
बारिश का असर सिर्फ तापमान पर ही नहीं, बल्कि शहरी क्षेत्रों की वायु गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है। बारिश के कारण वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषक कण कम होने से हवा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
30 अगस्त को जमशेदपुर का AQI 62, जबकि धनबाद का AQI 133 दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में बारिश के बाद जमशेदपुर समेत राज्य के अन्य शहरों में भी वायु गुणवत्ता बेहतर हो सकती है।
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