खेल के क्षेत्र में राज्य का नाम रोशन करने वाले झारखंड के खिलाड़ियों के लिए राहत भरी खबर आई है। पदक विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार राशि और पूर्व खिलाड़ियों को पेंशन प्रदान करने की दिशा में गठित उच्चस्तरीय समिति की बैठक रांची में आयोजित हुई, जिसमें खिलाड़ियों के हक में बड़ा फैसला लिया गया। समीक्षा बैठक में कुल 493 खिलाड़ियों को लगभग 4.51 करोड़ रुपये की सम्मान राशि देने की अनुशंसा की गई है।

1 अप्रैल 2024 से 31 जनवरी 2026 तक की अवधि
खेलकूद एवं युवा कार्य निदेशालय ने 1 अप्रैल 2024 से 31 जनवरी 2026 तक की अवधि के लिए पदक आधारित सम्मान राशि हेतु आवेदन आमंत्रित किए थे, जिसके जवाब में राज्यभर से 911 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 510 आवेदन प्रारंभिक रूप से योग्य पाए गए थे, जिन पर समिति ने विस्तृत विचार-विमर्श किया और अंततः 493 आवेदनों को स्वीकृति के योग्य माना।
इन खिलाड़ियों ने हॉकी, फुटबॉल, तीरंदाजी, जिम्नास्टिक, एथलेटिक्स, कुश्ती, भारोत्तोलन, शूटिंग, बैडमिंटन और पैरा गेम्स सहित कुल 24 खेल विधाओं में देश-प्रदेश का मान बढ़ाया है। इनके खाते में 241 स्वर्ण, 136 रजत और 107 कांस्य पदक दर्ज हैं, जबकि 9 खिलाड़ियों ने भागीदारी के आधार पर आवेदन किया था।
पेंशन योजना भी उत्साहजनक नहीं रही
हालांकि, पेंशन योजना के मोर्चे पर तस्वीर उतनी उत्साहजनक नहीं रही। इस योजना के तहत कुल 21 आवेदन आए थे, लेकिन बारीकी से जांच करने पर सिर्फ 2 आवेदन ही मानकों पर खरे उतर सके। शेष आवेदनों में आवश्यक दस्तावेजों की कमी पाई गई, जिसके चलते समिति ने संबंधित आवेदकों को जरूरी कागजात जमा करने की सलाह दी है।
बैठक में इस बात पर भी चिंता जताई गई कि पेंशन योजना को लेकर खिलाड़ियों में जागरूकता की भारी कमी है। इसे दूर करने के लिए समिति ने सभी जिला उपायुक्तों को पत्र भेजकर योजना का व्यापक प्रचार कराने की अनुशंसा की है। साथ ही शेष लंबित आवेदनों और प्रशिक्षकों से संबंधित मामलों पर फैसला लेने के लिए जल्द अगली बैठक बुलाने का भी निर्णय लिया गया।
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