FJCCI (फेडरेशन आफॅ झारखंड चैंबर आफॅ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज ) का चुनाव रविवार यानि कल मारवाड़ी भवन में होना है. तीन टीमों ने ताल ठोंकी है जिनमें तुलसी पटेल टीम, मुकेश अग्रवाल टीम और पूनम आनंद की टीम शामिल हैं. सभी टीम जोर लगा रही है कि ज्य़ादा से ज्यादा व्यवसायियों को अपने पक्ष में मतदान करा सकें. लेकिन इस बीच व्यवसायी वर्ग में मुकेश अग्रवाल के एक दावे को लेकर जबरदस्त चर्चा है. दरअसल, मुकेश अग्रवाल ने अपनी प्राथमिकताओं में दावा कर दिया है कि उनकी टीम भयमुक्त व्यापारिक वातावारण का निर्माण करेगी. सवाल यह खड़ा हो गया है कि वर्तमान अध्यक्ष रहते हुए आखिर आदित्य मलहोत्रा ने व्यवसायियों के हित के लिए क्या किया. अगर भयमुक्त वातावरण बना हुआ है व्यवसायियों के लिए तो चैंबर की टीम ने व्यवसायियों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए. ऐसे ही दावों के दम पर पिछली बार आदित्य मलहोत्रा को टीम की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी लेकिन उसके बाद भी मुकेश अग्रवाल वही दावा कर रहे हैं.

चुनावी दावपेंच तो नहीं मुकेश अग्रवाल के दावे
अब व्यवसायी वर्ग का दावा है कि वर्तमान कार्यकाल में आदित्य मलहोत्रा चैंबर अध्यक्ष रहे लेकिन उन्होंने कभी व्यवसायियों की सुरक्षा को लेकर सवाल नहीं उठाए..उनके कार्यकाल में कई जिलों में व्यवासियों के साथ हिंसक घटनाएं घटीं, प्रिंस खान समेत कई बड़े अपराधियों के फोन लगातार व्यवसायियों को आते रहे लेकिन चैंबर ने कोई पहल नहीं की ऐसे में उन्हीं आदित्य मलहोत्रा के साथ हाथ मिलाकर आखिर मुकेश अग्रवाल कैसे व्यवसायियों के लिए भयमुक्त व्यापारिक वातावरण बनाने का दावा कर रहे हैं. व्यवसायियों में तेज चर्चा है कि चुनाव जीतने के लिए एक तरफ मुकेश अग्रवाल जहां व्यवसायियों के हित की बात कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ आदित्य मलहोत्रा से हाथ मिलाकर चुनावी रोटी सेंक रहे हैं.
एजीएम में जिला चैंबर के पदाधिकारियों को बोलने का मौका नहीं मिलने पर विरोध, फेडरेशन ने मांगी माफी
इस बीच शनिवार को चैंबर भवन में आयोजित एजीएम की बैठक में जिला चैंबर के अध्यक्ष एवं सचिवों को अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिए जाने पर गोड्डा चैंबर के अध्यक्ष प्रितम गाडिया ने विरोध दर्ज करवाया और चैंबर भवन के बाहर धरने पर बैठ गए. प्रितम गाडिया के विरोध का समर्थन संथाल परगना के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष संजय अग्रवाल, पाकुड़ चैंबर अध्यक्ष निर्मल जैन, ईस्टर्न झारखंड चैंबर अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, महगामा चैंबर अध्यक्ष मदन भगत सहित विभिन्न जिलों के चैंबर पदाधिकारियों, सचिवों, कोषाध्यक्षों एवं आजीवन सदस्यों ने किया.
फेडरेशन की कार्यशैली पर लगाया आरोप
इस दौरान उपस्थित सदस्यों ने स्पष्ट किया कि उनकी नाराजगी किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि फेडरेशन के वर्तमान अध्यक्ष आदित्य मलहोत्रा टीम की कार्यशैली से है. सदस्यों का कहना था कि राज्यव्यापी संगठन को संपूर्ण झारखंड के व्यापारियों एवं चैंबरों के हित में कार्य करना चाहिए, न कि केवल रांची के लोगों और संस्थानों तक सीमित रहना चाहिए. बैठक में मौजूद लगभग सभी सदस्यों ने फेडरेशन की कार्यशैली को गलत ठहराते हुए जिला चैंबरों को उचित सम्मान एवं अपनी बात रखने का अवसर देने की मांग की. उन्होंने यह भी बताया कि अपने कार्यकाल में चैंबर अध्यक्ष रहते हुए आदित्य मलहोत्रा ने कभी भी व्यवसायियों के साथ हुई घटनाओं पर उनको फोन कर उनका हाल चाल तक नहीं लिया.
वार्ता के बाद फेडरेशन ने मांगी माफी
सभी के एकजुट विरोध के बाद फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान अध्यक्ष चैंबर भवन पहुंचकर वार्ता में शामिल हुए. उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी और भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होने का आश्वासन दिया. चैंबर के हित में दिए गए इस आश्वासन को सभी सदस्यों ने स्वीकार किया. वार्ता के दौरान अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, सचिव रोहित अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष विनय अग्रवाल, कुणाल अजमानी, मनोज नरेढ़ी, दीपक मारू सहित फेडरेशन के अन्य सम्मानित कार्यकारिणी सदस्य एवं पदाधिकारीगण मौजूद थे. गोड्डा से मो. कामरान ,महताब आलम,विरेन्द्र सिंह,मोहित बेगराजका, रवि पोद्दार, अंकित तम्बाकूवाला,संजय भुवानिया,संजय साह,पाकुड़ से पार्थ बैनर्जी, महागामा से पियूष टिबड़ेवाल, मनोज पोद्दार आदि मौजूद थे . इस पूरे घटनाक्रम में जिला चैंबर के पदाधिकारियों की एकजुटता और संगठन के हित में उठाई गई आवाज प्रमुख रही।


