Wednesday, October 14

झारखंड राज्यसभा चुनाव: रेडिशन ब्लू में दिखी NDA विधायकों की एकजुटता, कांग्रेस पर चला तीखा वार

रांची, झारखंड। 18 जून को होने वाले झारखंड राज्यसभा चुनाव को लेकर राजधानी रांची में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। जैसे-जैसे चुनाव की घड़ी नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे सभी पार्टियों के खेमे में रणनीति और दांव-पेंच का दौर तेज हो गया है। इसी गहमागहमी के बीच, शहर के प्रतिष्ठित रेडिशन ब्लू होटल में एनडीए विधायकों की एकजुटता साफ नजर आई। यहां एनडीए खेमा न केवल उत्साहित दिखा, बल्कि अपने उम्मीदवार की जीत को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त भी था।

चुनाव में अब महज कुछ ही घंटे शेष रह गए हैं, ऐसे में होटल रेडिशन ब्लू में ठहरे एनडीए विधायकों की राजनीतिक गतिविधियां अपने चरम पर पहुंच गई हैं। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की गरिमामयी उपस्थिति में विधायकों को राज्यसभा चुनाव की जटिल वोटिंग प्रक्रिया की गहन जानकारी दी गई। इस सत्र का मुख्य आकर्षण मॉक पोल प्रशिक्षण रहा, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की चूक या गलती की कोई गुंजाइश न रहे। कई विधायक नए हैं, और उनके लिए राज्यसभा चुनाव में मतदान की पूरी प्रक्रिया को समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि वे निर्भीक होकर अपना कर्तव्य निभा सकें। इस दौरान उपस्थित एनडीए के सभी विधायक काफी उत्साहित दिखे और एनडीए समर्थित उम्मीदवार की जीत को लेकर वे सभी आश्वस्त थे, जो उनकी NDA विधायकों की एकजुटता का परिचायक था।

कांग्रेस पर आदित्य साहू का करारा हमला: होटल की राजनीति का पलटवार

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने विपक्षी दल कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने तीखे तेवर में कहा कि जो कांग्रेस भाजपा पर ‘होटल की राजनीति’ करने का आरोप लगाती है, उसके पास दरअसल नैतिकता नाम की कोई चीज बची ही नहीं है। साहू ने कांग्रेस से सीधा सवाल किया, “कांग्रेस यह बतलाए कि बीएनआर होटल में किसके विधायक ठहरे हुए हैं और वह क्या कर रहे हैं?” उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस तो कल बड़ी-बड़ी बातें कर रही थी, मानो उसके विधायक सीधे अपने-अपने घरों से ही यहां वोट देने आएंगे। लेकिन आज उन्हें यह बताना चाहिए कि होटल बीएनआर में उनका पूरा कुनबा क्या कर रहा है, और वहां किस तरह की गुप्त रणनीति बनाई जा रही है।

श्री साहू ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि एनडीए के सारे विधायक एकजुट हैं और सभी विधायक परिमल नाथवानी के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने दावे के साथ कहा कि एनडीए समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी की जीत सौ फीसदी तय है। साथ ही उन्होंने यह भी अनुमान लगाया कि विपक्षी खेमे के कई विधायक अपनी अंतरात्मा की आवाज और राष्ट्रहित को देखते हुए एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करेंगे। यह बयान झारखंड की राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर गया है।

एनडीए के उत्साह से कांग्रेसी खेमे में छटपटाहट: साहू

आदित्य साहू ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज रेडिशन ब्लू होटल में दिख रही NDA विधायकों की एकजुटता और उत्साह से लबरेज यह तस्वीर देखकर कांग्रेसी खेमे में हताशा, बेचैनी और छटपटाहट मचना स्वाभाविक है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज रात उन्हें शायद नींद नहीं आने वाली है। साहू ने कांग्रेस की एक और रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने पोलिंग एजेंट भी झारखंड से बाहर के नेताओं को बनाया है। कांग्रेस ने अपने झारखंड प्रभारी के. राजू एवं सह प्रभारी सीरी वेल्ला प्रसाद को पोलिंग एजेंट बनाने का काम किया है। साहू ने सवाल उठाया कि क्या झारखंड कांग्रेस के स्थानीय नेता पोलिंग एजेंट बनने तक की विश्वसनीयता और योग्यता नहीं रखते? यह सवाल स्थानीय नेताओं की क्षमताओं पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है और कांग्रेस की संगठनात्मक रणनीति पर सवाल खड़े करता है।

यह घटनाक्रम दर्शाता है कि झारखंड में राज्यसभा चुनाव केवल एक मतदान प्रक्रिया नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन, राजनीतिक बयानबाजी और दलगत निष्ठाओं की कड़ी परीक्षा का अखाड़ा बन गया है। एनडीए अपने एकजुटता और आत्मविश्वास से लबरेज दिख रहा है, जबकि कांग्रेस पर सवालों की बौछार हो रही है। इस चुनावी संग्राम में कौन विजयी होता है, यह तो 18 जून को ही साफ होगा, लेकिन मौजूदा माहौल में एनडीए की तैयारी और कांग्रेस पर उसका हमला, आने वाले परिणामों की एक झलक जरूर पेश कर रहा है। भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका ऐसे चुनावों में निष्पक्षता सुनिश्चित करने की होती है, और सभी की निगाहें उन पर भी टिकी हैं।

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रेडिशन ब्लू में उपस्थित प्रमुख विधायकगण

इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान होटल रेडिशन ब्लू में कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां मौजूद थीं, जो NDA विधायकों की एकजुटता को बल प्रदान कर रही थीं। इनमें प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के अलावा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री सह विधायक चंपाई सोरेन, जदयू विधायक सरयू राय, और भाजपा के कई वरिष्ठ विधायक शामिल थे। उपस्थित विधायकों की सूची इस प्रकार है:

  • भाजपा विधायक: सीपी सिंह, नवीन जयसवाल, नागेंद्र महतो, शशि भूषण मेहता, मनोज यादव, सत्येंद्र नाथ तिवारी, नीरा यादव, राज सिन्हा, अमित यादव, आलोक चौरसिया, देवेंद्र कुंवर, प्रकाश राम, रोशन लाल चौधरी, प्रदीप प्रसाद, शत्रुघ्न महतो, पूर्णिमा साहू, रागिनी सिंह, मंजू कुमारी एवं कुमार उज्जवल।
  • लोजपा विधायक: जनार्दन पासवान।
  • आजसू विधायक: निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो।

इन सभी नेताओं की उपस्थिति ने एनडीए के भीतर मजबूत समन्वय और आगामी चुनाव के प्रति गंभीर प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया। स्थानीय पत्रकारिता के नजरिए से यह बैठक सिर्फ एक राजनीतिक सभा नहीं थी, बल्कि झारखंड के भविष्य की दिशा तय करने वाली एक महत्वपूर्ण घटना थी।

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