रांची। झारखंड की राजधानी रांची में गुरुवार को 15वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता 2026-27 का भव्य शुभारंभ हुआ। खेलगांव स्थित सामुदायिक स्टेडियम में आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता का उद्घाटन झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया। प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के तीरंदाज पदकों के लिए अपनी निशानेबाजी का प्रदर्शन करेंगे।
झारखंड पुलिस की मेजबानी में आयोजित इस प्रतियोगिता में कुल 29 टीमें हिस्सा ले रही हैं। खिलाड़ियों और टीम के अन्य सदस्यों को मिलाकर 432 प्रतिभागी आयोजन का हिस्सा बने हैं। 26 अक्टूबर तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में अलग-अलग वर्गों में मुकाबले होंगे। मेजबान झारखंड पुलिस की टीम भी घरेलू मैदान पर बेहतर प्रदर्शन कर पदक जीतने के इरादे से उतरी है।
29 टीमों के बीच पदकों के लिए होगी टक्कर
इस प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों की 22 पुलिस टीमें और सात केंद्रीय सुरक्षा बलों की टीमें भाग ले रही हैं। इनमें कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, गुजरात, मणिपुर, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, जम्मू-कश्मीर और बिहार सहित अन्य राज्यों की पुलिस टीमें शामिल हैं। मेजबान झारखंड पुलिस भी प्रतियोगिता में अपनी चुनौती पेश कर रही है।
केंद्रीय सुरक्षा बलों की ओर से भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सशस्त्र सीमा बल (SSB) और असम राइफल्स के तीरंदाज हिस्सा ले रहे हैं।
पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में खिलाड़ियों की एकाग्रता, धैर्य, सटीक निशाने और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता की परीक्षा होगी।
पुलिस सेवा में अनुशासन और मानसिक दृढ़ता जरूरी : राज्यपाल
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता की मेजबानी झारखंड पुलिस के लिए गौरव की बात है। उन्होंने विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों का झारखंड की धरती पर स्वागत करते हुए आयोजन से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी।
राज्यपाल ने कहा कि पुलिस बल देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ है। कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराधों की रोकथाम करना और नागरिकों के जीवन एवं संपत्ति की रक्षा करना पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। बदलते समय में अपराधों का स्वरूप भी बदल रहा है, इसलिए आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक पद्धतियों और नए संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल जरूरी है।
उन्होंने पुलिस और जनता के बीच विश्वास तथा सहयोग को प्रभावी पुलिस व्यवस्था की बुनियाद बताया। राज्यपाल के अनुसार, पुलिसकर्मियों में शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक दृढ़ता, अनुशासन, धैर्य और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता भी होनी चाहिए।
तीरंदाजी सिखाती है एकाग्रता और लक्ष्य के प्रति समर्पण
राज्यपाल ने तीरंदाजी को एकाग्रता, धैर्य, सटीकता और लक्ष्य के प्रति समर्पण का खेल बताया। उन्होंने कहा कि हर सफल निशाने के पीछे निरंतर अभ्यास, आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन होता है। पुलिस सेवा में भी कठिन परिस्थितियों का आकलन करने और विवेकपूर्ण निर्णय लेने के लिए इन गुणों की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कहा कि झारखंड को तीरंदाजी के क्षेत्र में विशेष पहचान मिली है। राज्य के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपलब्धियों से झारखंड का गौरव बढ़ाया है। खेलों को प्रोत्साहन देने और युवाओं को प्रतिभा दिखाने का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
खेल भावना और टीमवर्क को बढ़ावा देंगी प्रतियोगिताएं : डीजीपी
झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि खेल प्रतियोगिताएं अनुशासन, जागरूकता और लक्ष्य के प्रति समर्पण की सीख देती हैं। पुलिस सेवा में भी इन गुणों का विशेष महत्व है। ऐसी प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के साथ टीम भावना और आपसी सौहार्द को मजबूत करती हैं।
उन्होंने कहा कि खेलगांव के सामुदायिक स्टेडियम में अगले पांच दिनों तक देशभर से आए खिलाड़ी अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगे। खेल में जीत और हार से बढ़कर खेल भावना, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन का महत्व है। डीजीपी ने आयोजन समिति को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन देते हुए सभी प्रतिभागियों के बेहतर प्रदर्शन की कामना की।
झारखंड पुलिस के लिए भी प्रतिष्ठा का सवाल
रांची में आयोजित यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता झारखंड पुलिस को देशभर की पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर दे रही है। साथ ही, यह आयोजन झारखंड की खेल संस्कृति और तीरंदाजी में राज्य की पहचान को सामने लाने का भी माध्यम बनेगा।
अब सभी की नजरें 26 अक्टूबर तक होने वाले मुकाबलों पर हैं, जहां देशभर के तीरंदाज अपने सटीक निशाने और प्रदर्शन के दम पर पदक जीतने की कोशिश करेंगे।
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