बोकारो: जिले में विस्थापितों के नियोजन की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच जिला प्रशासन ने रविवार सुबह बड़ी पहल की। पिछले दो दिनों से बंद पड़े बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) के मुख्य गेट को प्रशासन ने खुलवा दिया। चास के एसडीएम प्रांजल ढांडा और एएसपी वेदांत शंकर ने मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से बातचीत की, जिसके बाद मुख्य गेट खोलने पर सहमति बनी। गेट खुलने के बाद प्लांट में कर्मचारियों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई और ए शिफ्ट के कर्मियों ने सामान्य रूप से काम पर पहुंचना शुरू किया।
प्लांट की सुरक्षा और कर्मचारियों की आवाजाही को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी है। मुख्य गेट पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 150 पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। प्रशासन की इस पहल से जहां कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है, वहीं विस्थापितों के नियोजन का मुद्दा अब भी महत्वपूर्ण बना हुआ है।
दो दिनों से बंद थे प्लांट के सभी गेट
विस्थापितों के नियोजन की मांग को लेकर जारी आंदोलन के कारण पिछले दो दिनों से बोकारो स्टील प्लांट के सभी गेट बंद थे। इससे प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों की आवाजाही बाधित हो गई थी। निर्धारित समय पर ड्यूटी पर पहुंचने वाले कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। गेट बंद रहने के कारण प्लांट की सामान्य गतिविधियों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रविवार सुबह चास एसडीएम प्रांजल ढांडा और एएसपी वेदांत शंकर मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से बातचीत की और स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास किया। बातचीत के बाद प्लांट का मुख्य गेट खोल दिया गया। इसके साथ ही कर्मचारियों का प्लांट के अंदर प्रवेश शुरू हो गया और ए शिफ्ट की शुरुआत सामान्य तथा शांतिपूर्ण तरीके से हुई।
जहरीली गैस के संभावित खतरे को लेकर प्रशासन चिंतित
बोकारो स्टील प्लांट का संचालन बाधित होने के बीच प्रशासन की चिंता केवल कर्मचारियों की आवाजाही तक सीमित नहीं थी। प्लांट में जहरीली गैसों की मौजूदगी के कारण संभावित गैस रिसाव का खतरा भी चिंता का विषय बना हुआ था। प्रशासन के अनुसार, लंबे समय तक प्लांट की गतिविधियां प्रभावित रहने से सुरक्षा संबंधी जोखिमों पर ध्यान देना जरूरी था।
चास एसडीएम प्रांजल ढांडा ने बताया कि प्लांट में जहरीली गैसों की मौजूदगी के मद्देनजर संभावित लीकेज को लेकर सुरक्षा चिंता बढ़ गई थी। इसी को देखते हुए स्थिति को सामान्य बनाने और कर्मचारियों की आवाजाही बहाल करने की दिशा में कदम उठाए गए। हालांकि, प्रशासन की ओर से किसी वास्तविक गैस रिसाव की पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल चिंता संभावित खतरे को लेकर जताई गई है।
जरूरत पड़ने पर अन्य गेट भी खुलवाए जाएंगे
मुख्य गेट खुलने के बाद प्रशासन ने संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर प्लांट के अन्य गेट भी खुलवाए जाएंगे। अधिकारियों का उद्देश्य कर्मचारियों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के साथ-साथ प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। मौके पर पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके और शांति व्यवस्था बनी रहे।
एसडीएम के अनुसार, फिलहाल पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है। कर्मचारियों के बीच बना भय का माहौल भी धीरे-धीरे कम हो रहा है। मुख्य गेट खुलने के बाद कर्मियों का प्लांट के भीतर जाना शुरू हो गया है। ए शिफ्ट सामान्य तरीके से शुरू होने से प्रशासन को भी राहत मिली है।
विस्थापितों के नियोजन का मुद्दा अब भी अहम
बोकारो स्टील प्लांट का मुख्य गेट खुलने से कर्मचारियों की आवाजाही बहाल हुई है, लेकिन विस्थापितों के नियोजन की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का मुद्दा अब भी महत्वपूर्ण है। इस आंदोलन के बीच प्रशासन के सामने एक ओर कर्मचारियों की सुरक्षा और प्लांट का सामान्य संचालन सुनिश्चित करने की चुनौती है, तो दूसरी ओर आंदोलन के कारण उत्पन्न स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से संभालने की जिम्मेदारी भी है।
रविवार को प्रशासन की पहल के बाद प्लांट का मुख्य गेट खुलने और ए शिफ्ट शुरू होने से तत्काल राहत मिली है। अब आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि आंदोलनकारियों की मांगों और प्लांट के सामान्य संचालन के बीच किस तरह संतुलन बनाया जाता है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता शांति व्यवस्था बनाए रखने, कर्मचारियों की आवाजाही सुचारु करने और प्लांट से जुड़े सुरक्षा जोखिमों पर नजर रखने की है।
