एशियन गेम्स 2026 में भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने आखिरकार वह मुकाम हासिल कर लिया, जिसका उन्हें लंबे समय से इंतजार था। अइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स में मीराबाई ने महिलाओं के 49 किलोग्राम भारवर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। इस पदक के साथ ही एशियन गेम्स में उनके पदक का इंतजार खत्म हो गया।
मीराबाई चानू ने मुकाबले में कुल 198 किलोग्राम वजन उठाया। उन्होंने स्नैच में 87 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम का वजन उठाया। उनके इस प्रदर्शन ने उन्हें पोडियम पर जगह दिलाई।
एशियन गेम्स में पहली बार पोडियम पर पहुंचीं मीराबाई
मीराबाई चानू के लिए यह पदक खास इसलिए भी है क्योंकि इससे पहले वह एशियन गेम्स में पोडियम पर जगह नहीं बना पाई थीं। 2014 के इंचियोन एशियन गेम्स में वह नौवें स्थान पर रही थीं, जबकि 2018 में चोट के कारण वह प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकी थीं। 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में वह चौथे स्थान पर रहकर पदक से चूक गई थीं।
ऐसे में 2026 एशियन गेम्स में उनका लक्ष्य सिर्फ प्रतियोगिता में उतरना नहीं था, बल्कि उस कमी को पूरा करना भी था जो उनके शानदार करियर में अब तक बाकी थी। इस बार मीराबाई ने दमदार प्रदर्शन करते हुए आखिरकार एशियन गेम्स का पदक अपने नाम कर लिया।
कॉमनवेल्थ गेम्स में भी दिखा था शानदार प्रदर्शन
एशियन गेम्स से पहले मीराबाई चानू ने 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका लगातार दूसरा गोल्ड मेडल था।
अब एशियन गेम्स में रजत पदक जीतकर मीराबाई ने अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और उपलब्धि जोड़ ली है। लंबे इंतजार के बाद एशियन गेम्स का पदक उनके नाम हो गया है।
