Tuesday, September 22

 

 

पुलिस गिरफ्त में आए 20 लाख के ईनामी नक्सली रविंद्र गंझू से भी कनेक्शन

 

​एनआईए की चार्जशीट के बाद ईडी ने कसा शिकंजा, 11 अचल संपत्तियां कुर्क 


​प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रांची जोनल टीम ने टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने लातेहार के चंदवा थाना क्षेत्र में दर्ज मामलों के आधार पर मैसर्स संतोष कंस्ट्रक्शन और उसके सहयोगियों की करीब 3.87 करोड़ रुपये की 11 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है. यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 के तहत की गई है.

​इन आरोपियों पर कसा शिकंजा

​ईडी की जांच के दायरे में संतोष कंस्ट्रक्शन के अलावा संतोष कुमार सिंह, मृत्युंजय कुमार उर्फ सोनू सिंह, मनीष कुमार, बैजनाथ गंझू, राजेश कुमार गंझू और रवींद्र गंझू शामिल हैं.
​​जांच की शुरुआत लातेहार जिले के चंदवा थाने में दर्ज दो प्राथमिकियों के आधार पर हुई थी, जिसे बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अपने हाथ में ले लिया था.

​क्या था मामला

22 नवंबर 2019 को लातेहार के लुकुइया मोड़ पर माओवादियों द्वारा किया गया हमला था, जिसमें झारखंड पुलिस के चार जवान शहीद हो गए थे और हथियार लूट लिए गए थे. ​दूसरा मामला संतोष कंस्ट्रक्शन के पार्टनर मृत्युंजय कुमार उर्फ सोनू सिंह द्वारा प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) के लातेहार रिजनल कमांडर रवींद्र गंझू को 5 लाख रुपये बतौर लेवी (रंगदारी) दिए जाने का है.

​7.16 करोड़ की काली कमाई का हुआ खुलासा

​जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस पूरे मामले में अनुसूचित अपराधों के जरिए करीब 7.16 करोड़ रुपये की काली कमाई जनरेट की गई थी. इसमें से 2.69 करोड़ रुपये नकद एनआईए ने तलाशी के दौरान बरामद किए थे बाकी बचे 4.46 करोड़ रुपये को वित्त वर्ष 2017-18 और 2018-19 के दौरान पूंजी निवेश के रूप में फर्म में खपाया (लेयरिंग) गया था.

​बैंकिंग जांच से बचने के लिए कौड़ियों के दाम खरीदी जमीनें

​ईडी की जांच में सामने आया कि इस काली कमाई को वैध अर्थव्यवस्था में शामिल करने के लिए लातेहार जिले के मौजा चंदवा और मौजा कामता में 11 अचल संपत्तियां खरीदी गईं. ये संपत्तियां संतोष कंस्ट्रक्शन, संतोष कुमार सिंह, मृत्युंजय कुमार और मनीष कुमार के नाम पर ली गईं.बैंकिंग सिस्टम की नजरों से बचने के लिए जमीनों की रजिस्ट्री कम कीमत पर दिखाई गई और बाकी का भुगतान नकद (ऑफ-द-बुक्स) किया गया. ​ईडी ने इन्हीं 11 संपत्तियों को जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 3.87 करोड़ रुपये आंकी गई है.एजेंसी का कहना है कि मामले में आगे की जांच अभी जारी है और कुछ अन्य लोगों पर भी गाज गिर सकती है.

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