कैप्टन अजय पंत की रिहाई
ब्रिटेन में कैद कैप्टन अजय पंत की रिहाई का मुद्दा अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। चिल्किया गांव के निवासी इस नाविक को, जो रूस से शिप में क्रूड आयल लेकर गुजरात लौट रहा था, ब्रिटिश सशस्त्र बलों ने इंग्लिश चैनल पार करते समय गिरफ्तार कर लिया था, के लिए स्थानीय और राष्ट्रीय राजनेताओं ने कदम बढ़ाए हैं।
सांसदों की सक्रिय भूमिका
पौड़ी सांसद अनिल बलूनी और नैनीताल-ऊधम सिंह नगर के सांसद अजय भट्ट ने इस मामले में अपने स्तर से कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि वे भारत के विदेश मंत्रालय और ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त से इस विषय पर तत्काल संपर्क करेंगे।
सांसदों ने यह भी कहा कि वह कानूनी सहायता प्रदान करेंगे और सभी प्रासंगिक अधिकारियों को इस मामले की गंभीरता से निपटने का निर्देश देंगे। इस बीच, परिवार के सदस्य, विशेषकर पिता वी.सी. पंत ने दिल्ली पीएमओ में उपसचिव मंगेश घिल्डियाल को भी फोन किया है, जिससे इस मुद्दे को उच्च स्तर पर ले जाया जा सके।
पारिवारिक दृष्टिकोण
परिवार का कहना है कि कैप्टन अजय पंत ने शिप कंपनी के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन किया था और उनका कार्य केवल पेशेवर दायित्व था। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें वर्तमान में रिमांड पर रखा गया है और उनका स्वास्थ्य ठीक है, कोई खतरा नहीं है।
पिता वी.सी. पंत ने भारत सरकार से अनुरोध किया है कि वह इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अपने बेटे की जल्द रिहाई के लिए सभी संभव प्रयास करे। उन्होंने कहा, “हमारा बेटा सिर्फ अपने काम को निभा रहा था, उसे इस तरह की असुविधा नहीं झेलनी चाहिए।”
राजनीतिक समर्थन और भविष्य की राह
भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री राकेश नैनवाल ने भी इस मामले की जानकारी ले ली है और आश्वासन दिया है कि मदद की जाएगी। सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि वह विदेश मंत्रालय के मंत्री से बात करेंगे और सभी वैधानिक उपायों को लागू करेंगे।
सांसद अजय भट्ट ने बताया कि उन्होंने विदेश मंत्री को मेल किया है और फोन भी किया है। उन्होंने कहा, “अजय ने अपने बचाव में उचित तर्क दिया है कि उन्होंने कंपनी के निर्देशों का पालन किया है। अब सरकार के उच्चायुक्त इस मामले को देख रहे हैं।”
इस मुद्दे पर निरंतर प्रयास जारी हैं और परिवार ने आशा जताई है कि जल्द ही उनका बेटे को मुक्त किया जाएगा।
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