नई दिल्ली/रांची: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। इस वर्ष 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया, जिनमें से 11.21 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की। परिणाम जारी होने के साथ ही देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच खुशी का माहौल है। सफल अभ्यर्थी अब देश के विभिन्न सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीBS, BDS, AYUSH तथा अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे।
झारखंड के लिए भी इस बार का परिणाम बेहद उत्साहजनक रहा। सुहर्ष ने राज्य में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्टेट टॉपर बनने का गौरव हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, शिक्षकों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर है। सुहर्ष ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित पढ़ाई को दिया। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, लगातार मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास ही लक्ष्य तक पहुंचाते हैं।
इस वर्ष परीक्षा का आयोजन देशभर के विभिन्न शहरों में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच किया गया था। NTA ने परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कई तकनीकी उपाय अपनाए। परिणाम घोषित होने के बाद अभ्यर्थी अपने आवेदन संख्या और जन्मतिथि की सहायता से आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।
NEET UG देश में मेडिकल शिक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा मानी जाती है। इसी परीक्षा के आधार पर सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, BAMS, BHMS, BUMS, BSMS और अन्य स्वास्थ्य संबंधी पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता है। अच्छे अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला मिलने की संभावना अधिक रहती है।
अब परिणाम जारी होने के बाद मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) द्वारा ऑल इंडिया कोटा (AIQ) की काउंसलिंग शुरू की जाएगी, जबकि राज्य कोटे की काउंसलिंग संबंधित राज्य सरकारों और एजेंसियों द्वारा आयोजित की जाएगी। सफल अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे काउंसलिंग की तारीखों, आवश्यक दस्तावेजों और सीट आवंटन संबंधी जानकारी पर नियमित नजर बनाए रखें।
इस वर्ष के परिणाम ने एक बार फिर यह साबित किया है कि कठिन प्रतिस्पर्धा के बावजूद मेहनत, सही रणनीति और निरंतर अभ्यास से सफलता हासिल की जा सकती है। खासकर झारखंड के स्टेट टॉपर सुहर्ष की उपलब्धि राज्य के हजारों मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है। अब सभी की नजरें काउंसलिंग प्रक्रिया और देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में होने वाले दाखिलों पर टिकी हैं।
