रांची: राजधानी रांची स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) भवन परिसर में 108 एंबुलेंस कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और एंबुलेंस कर्मियों के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। हालांकि, बैठक में मांगों को लेकर कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। सहमति को लेकर सरकार और एंबुलेंस कर्मियों के दावों में भी अंतर सामने आया है।
मांगों पर सहमति को लेकर सरकार और कर्मियों के अलग-अलग दावे
बैठक के बाद एंबुलेंस कर्मियों ने बताया कि उनकी मांगों में से केवल एक मांग पर सहमति बनी है। वहीं, सरकार का दावा है कि दो मांगों पर सहमति बनी है। इस अंतर के कारण बैठक के बाद भी कई मुद्दे अनसुलझे रह गए।
कर्मियों का कहना है कि जब तक उनकी सभी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं माना जा सकता। इसी वजह से स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई वार्ता के बावजूद उनमें असंतोष बना हुआ है।
सिविल सर्जन के अधीन एंबुलेंस संचालन की मांग खारिज
बैठक में 108 एंबुलेंस के संचालन को सदर अस्पताल के सिविल सर्जन के अधीन करने की मांग पर भी चर्चा हुई। हालांकि, इस मांग को कानून के खिलाफ बताते हुए स्वीकार नहीं किया गया।
यह मांग एंबुलेंस कर्मियों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक थी। इस पर सहमति नहीं बनने के कारण बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।
एक दिवसीय हड़ताल स्थगित, आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
मांगों पर पूरी तरह सहमति नहीं बनने के बावजूद 108 एंबुलेंस कर्मियों ने अपनी प्रस्तावित एक दिवसीय हड़ताल स्थगित कर दी है। हालांकि, कर्मियों ने स्पष्ट किया है कि हड़ताल स्थगित करने का अर्थ आंदोलन समाप्त करना नहीं है।
उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आगे भी आंदोलन जारी रखा जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और एंबुलेंस कर्मियों के बीच फिर से बातचीत होने तथा लंबित मांगों पर समाधान निकलने को लेकर स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है।
108 एंबुलेंस सेवा राज्य की आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था का अहम हिस्सा है। ऐसे में कर्मियों की मांगों और सरकार के बीच जारी गतिरोध का समाधान निकालना जरूरी है, ताकि कर्मचारियों की समस्याओं का निपटारा हो सके और आपातकालीन सेवाओं का संचालन भी प्रभावित न हो।
इसे भी पढ़े : कोडरमा क्रिकेट संघ पर 56 लाख की निकासी में गड़बड़ी का आरोप, खिलाड़ियों के भविष्य पर सवाल


