गजेंद्र सिंह, अमित प्रकाश और सुधीर दास के बयानों के बाद जांच का अगला चरण शुरू, डिजिटल ट्रैकिंग और Track & Trace सिस्टम की होगी पड़ताल
रांची: झारखंड शराब घोटाला मामले की जांच कर रहे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जांच को और तेज कर दिया है। एजेंसी ने अब तक दर्ज किए गए बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद जांच के अगले चरण की शुरुआत कर दी है। हाल ही में दर्ज किए गए गजेंद्र कुमार सिंह, अमित प्रकाश और सुधीर कुमार दास के विस्तृत बयानों में कई नए तथ्य सामने आए हैं, जिनके आधार पर अब डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों का सत्यापन किया जाएगा।
JSBCL के आईटी मैनेजर अमर कुमार मेहता को समन
एसीबी ने JSBCL (Jharkhand State Beverages Corporation Limited) के आईटी प्रबंधक अमर कुमार मेहता को 7 अगस्त 2026 को पूछताछ के लिए तलब किया है। उनसे शराब आपूर्ति से जुड़े Track & Trace सिस्टम, डिजिटल निगरानी व्यवस्था, सिस्टम लॉग, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रैकिंग से संबंधित तकनीकी पहलुओं पर पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसी इन तकनीकी रिकॉर्ड्स के जरिए यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि शराब आपूर्ति प्रणाली में कहीं किसी प्रकार की अनियमितता या छेड़छाड़ तो नहीं हुई।
तीन अन्य लोगों को दोबारा समन
एसीबी ने पूर्व में जारी समन का पालन नहीं करने वाले जतिन सहाय (निदेशक, फ्लोरेंस हेल्थकेयर एंड रिसर्च सेंटर प्रा. लि.), विकास अग्रवाल तथा मनोज तिवारी एवं अरुण गौर (निदेशक, ए-टू-जेड इंफ्रा सर्विसेज लिमिटेड) को भी 10 अगस्त 2026 को पुनः पूछताछ के लिए बुलाया है। एजेंसी इनसे उपलब्ध दस्तावेजों, वित्तीय अभिलेखों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत पूछताछ करेगी।
चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही जांच
एसीबी ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह साक्ष्य-आधारित, निष्पक्ष और विधिसम्मत तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है। प्रत्येक नए तथ्य का उपलब्ध दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और संबंधित व्यक्तियों के बयानों से मिलान किया जा रहा है, ताकि पूरे मामले की सभी कड़ियों को जोड़कर तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचा जा सके। एजेंसी ने कहा है कि जांच में पारदर्शिता और पेशेवर मानकों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है।
पृष्ठभूमि (रिसर्च)
झारखंड शराब घोटाला राज्य में शराब की खरीद, आपूर्ति और वितरण व्यवस्था में कथित अनियमितताओं से जुड़ा मामला है। इस मामले की जांच एसीबी कर रही है। जांच के दौरान वित्तीय लेन-देन, डिजिटल रिकॉर्ड, सप्लाई चेन और Track & Trace प्रणाली की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वर्तमान प्रेस विज्ञप्ति से स्पष्ट है कि जांच अब तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल डेटा के सत्यापन के महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर चुकी है।
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