Wednesday, October 14

Supaul: सुपौल जिले के पिपरा थाना क्षेत्र के दुलारी गांव में गुरुवार दोपहर उस समय मातम पसर गया, जब एक भयावह ट्रैक्टर हादसा में एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना खेत से पटुआ (जूट) काटकर ट्रैक्टर से बोराई के लिए ले जाते समय हुई, जहां 55 वर्षीय किसान राधेश्याम साह ट्रेलर के नीचे दब गए और मौके पर ही उनकी जान चली गई। इस हृदय विदारक घटना ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है, और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

कैसे हुआ यह दुखद हादसा?

मृतक राधेश्याम साह दुलारी गांव के ही निवासी थे और अपनी खेती-किसानी से परिवार का भरण-पोषण करते थे। जानकारी के अनुसार, वह दोपहर के समय अपने ट्रैक्टर पर बड़ी मात्रा में पटुआ लादकर बोराई के लिए ले जा रहे थे। गांव के रास्ते से गुजरते समय अचानक किसी वजह से उनका संतुलन बिगड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, संतुलन बिगड़ते ही राधेश्याम साह ट्रैक्टर से नीचे गिर पड़े। दुर्भाग्य से, उसी समय ट्रेलर का भारी-भरकम पहिया उनके ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह मंजर इतना भयानक था कि देखने वालों की रूह कांप गई।

चालक हुआ फरार, ग्रामीण हुए स्तब्ध

जैसे ही यह दर्दनाक घटना हुई, ट्रैक्टर चालक मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। हादसे की खबर आग की तरह पूरे गांव में फैल गई। आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ग्रामीणों ने मिलकर किसान को ट्रेलर के नीचे से बाहर निकाला, लेकिन उनकी सांसें थम चुकी थीं। इस अप्रत्याशित घटना से दुलारी गांव में गहरा शोक छा गया है। ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई, और हर कोई इस दुखद घटना पर अफसोस जता रहा था।

पुलिस जांच शुरू: एक और ट्रैक्टर हादसा, सुरक्षा के सवाल

सूचना मिलते ही पिपरा थाना पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस ट्रैक्टर हादसा के बाद पूरे गांव में गम का माहौल है और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा थे। पिपरा थाना के अपर थानाध्यक्ष सह प्रभारी थाना प्रभारी राहुल कुमार ने बताया कि पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की है। उन्होंने आश्वासन दिया कि परिजनों की ओर से आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि दुर्घटना के सही कारणों का पता चल सके और दोषी को पकड़ा जा सके।

यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों की कमी और बढ़ती दुर्घटनाओं की ओर ध्यान आकर्षित करती है। अक्सर किसान अपनी जान जोखिम में डालकर काम करते हैं, और ऐसे हादसे उन्हें व उनके परिवारों को गहरी पीड़ा देते हैं। कृषि उपकरणों और ट्रैक्टरों के सुरक्षित संचालन के लिए किसानों को विशेष प्रशिक्षण और जागरूकता अभियानों की सख्त आवश्यकता है।

मातम में डूबा परिवार, न्याय की उम्मीद

मृतक राधेश्याम साह के परिवार में इस समय मातम पसरा हुआ है। पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वे अभी भी इस बात पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि उनके परिवार का मुखिया अब उनके बीच नहीं रहा। गांव के लोग और पड़ोसी उन्हें सांत्वना देने और हर संभव मदद देने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं। परिवार को उम्मीद है कि पुलिस इस मामले में निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाएगी। इस दुखद घड़ी में, पूरा गांव साह परिवार के साथ खड़ा है और उनकी हर संभव सहायता करने को तैयार है। पुलिस ने भी परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

यह ट्रैक्टर हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन में व्याप्त चुनौतियों और सुरक्षा के प्रति बरती जाने वाली लापरवाही का एक दुखद परिणाम भी है। ऐसे हादसों को रोकने के लिए सरकार, स्थानीय प्रशासन और स्वयं किसानों को मिलकर काम करने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी अनमोल जानें बचाई जा सकें।

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