धनबाद। आगामी दुर्गापूजा को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के घरों से निकलकर पंडालों तक पहुंचने और शहरों में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने कानून-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को लेकर अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।

इसी क्रम में शनिवार को आईजी शैलेन्द्र कुमार सिन्हा धनबाद समाहरणालय पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ दुर्गापूजा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाईलेवल बैठक की। धनबाद पहुंचने पर आईजी को पुलिस जवानों की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
सात जिलों के पुलिस अधिकारी बैठक में शामिल
बैठक में बोकारो रेंज के डीआईजी आनंद प्रकाश के अलावा सात जिलों के पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे। इसमें रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, कोडरमा, हजारीबाग और चतरा के एसपी शामिल हुए।
एक साथ सात जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक में दुर्गापूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। खासकर ऐसे इलाकों की पहचान और वहां अतिरिक्त सतर्कता को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, जहां पूजा के दौरान लोगों की अधिक भीड़ जुटने की संभावना है।
पूजा पंडालों में सुरक्षा पर विशेष नजर
दुर्गापूजा के दौरान पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है। ऐसे में पंडालों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर बैठक में विशेष जोर दिया गया।
पुलिस बल की तैनाती, भीड़ की निगरानी और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए। पुलिस अधिकारियों से कहा गया कि पूजा शुरू होने से पहले ही स्थानीय स्तर पर सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक तैयारियों को पूरा कर लिया जाए।
पंडालों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बनाए रखने के साथ किसी भी संभावित समस्या पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयारी रखने को कहा गया है।
भीड़ नियंत्रण के साथ ट्रैफिक मैनेजमेंट पर जोर
दुर्गापूजा के दौरान शहरों में सबसे बड़ी चुनौती भीड़ के साथ यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना होती है। इसे देखते हुए बैठक में ट्रैफिक मैनेजमेंट को भी सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा बनाया गया।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पूजा के दौरान प्रमुख सड़कों, पंडालों के आसपास और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए पहले से आवश्यक व्यवस्था की जाए।
श्रद्धालुओं की आवाजाही के साथ वाहनों के दबाव को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया, ताकि पूजा के दौरान लोगों को अनावश्यक जाम का सामना न करना पड़े।
संवेदनशील इलाकों में बढ़ेगी निगरानी
बैठक में संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस अधिकारियों को कहा गया कि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए स्थानीय स्तर पर लगातार स्थिति पर नजर रखी जाए।
सुरक्षा व्यवस्था को केवल पूजा के दिन तक सीमित न रखते हुए पहले से तैयारी करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सुरक्षा योजना तैयार करने और आवश्यक पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता
आईजी की बैठक में दुर्गापूजा के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में पूजा पंडालों तक पहुंच सकें और पूरे त्योहार के दौरान सामान्य जनजीवन प्रभावित न हो।
पुलिस अधिकारियों को किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकने के लिए पहले से तैयार रहने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
त्योहार से पहले पुलिस ने तेज की तैयारी
सात जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ हुई यह बैठक इस बात का संकेत है कि दुर्गापूजा को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा तैयारियों को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है। अब स्थानीय स्तर पर सुरक्षा योजना, पुलिस बल की तैनाती, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को अंतिम रूप देने की दिशा में काम किया जाएगा।
प्रशासन की कोशिश है कि दुर्गापूजा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल मिले तथा किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।


