करीब दो दिनों तक चली मतगणना के बाद चार राज्यों में तस्वीर साफ, कांग्रेस को सिर्फ एक सीट; निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी दर्ज की जीत
रांची/डेस्क: उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद की 28 सीटों के चुनाव परिणाम घोषित हो गए हैं। लंबी मतगणना के बाद आए नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगियों के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने कुल 16 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) ने उत्तर प्रदेश में बेहतर प्रदर्शन करते हुए पांच सीटें अपने नाम कीं। कांग्रेस को केवल एक सीट मिली, जबकि बिहार में जनसुराज पार्टी ने विधान परिषद में अपना खाता खोल लिया। दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की।
इन चुनावों में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर मुकाबला हुआ। मतदान 23 अक्टूबर को बैलेट पेपर के जरिए कराया गया था। मतगणना में वरीयता आधारित वोटों की गिनती के कारण कई सीटों पर परिणाम आने में लंबा समय लगा। 29 अक्टूबर तक सभी 28 सीटों की तस्वीर साफ हो गई। >
पार्टीवार नतीजों में NDA सबसे आगे
चारों राज्यों के परिणामों में NDA ने 16 सीटों पर जीत हासिल की। इसमें भाजपा की 13 सीटें और उसके सहयोगी दलों की तीन सीटें शामिल हैं। विपक्षी INDIA गठबंधन के घटक दलों ने कुल नौ सीटें जीतीं। इनमें समाजवादी पार्टी की पांच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की दो, कांग्रेस की एक और राष्ट्रीय जनता दल की एक सीट शामिल है।
इसके अलावा बिहार में जनसुराज पार्टी ने एक सीट जीती, जबकि दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे।
उत्तर प्रदेश: भाजपा और सपा के बीच कड़ा मुकाबला
उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों पर भाजपा ने छह और समाजवादी पार्टी ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की। इन नतीजों में सपा ने 2020 के मुकाबले अपनी सीटों की संख्या बढ़ाई। खास बात यह रही कि पार्टी ने वाराणसी की शिक्षक और स्नातक, दोनों सीटों पर जीत हासिल की।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख विजेता:
- मेरठ-सहारनपुर स्नातक — दिनेश कुमार गोयल (भाजपा)
- आगरा स्नातक — डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह (भाजपा)
- मेरठ शिक्षक — श्रीचंद शर्मा (भाजपा)
- लखनऊ शिक्षक — उमेश द्विवेदी (भाजपा)
- बरेली-मुरादाबाद शिक्षक — डॉ. हरि सिंह ढिल्लों (भाजपा)
- गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक — ध्रुव कुमार त्रिपाठी (भाजपा)
- वाराणसी शिक्षक — लाल बिहारी यादव (सपा)
- आगरा शिक्षक — डॉ. आकाश अग्रवाल (सपा)
- लखनऊ स्नातक — कांति सिंह पटेल (सपा)
- इलाहाबाद-झांसी स्नातक — डॉ. मान सिंह यादव (सपा)
- वाराणसी स्नातक — आशुतोष सिन्हा (सपा)
बिहार: जनसुराज की विधान परिषद में एंट्री
बिहार की आठ सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा ने तीन सीटें जीतीं, जबकि जदयू, राजद और जनसुराज पार्टी को एक-एक सीट मिली। दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।
जनसुराज के लिए दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का परिणाम खास रहा। पार्टी के उम्मीदवार सुरेश प्रसाद राय ने जीत हासिल कर बिहार विधान परिषद में पार्टी का खाता खोला। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा को हराया। वहीं, पटना शिक्षक सीट पर राजद के संजीव कुमार ने जीत दर्ज की। इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपनी ताकत दिखाई।
बिहार के विजेता:
- पटना स्नातक — नीरज कुमार (जदयू)
- पटना शिक्षक — संजीव कुमार (राजद)
- तिरहुत शिक्षक — नरेंद्र प्रसाद सिंह (भाजपा)
- दरभंगा शिक्षक — सुरेश प्रसाद राय (जनसुराज)
- सारण शिक्षक — राहुल राज (निर्दलीय)
- दरभंगा स्नातक — सर्वेश कुमार (भाजपा)
- कोसी स्नातक — डॉ. एन.के. यादव (भाजपा)
- तिरहुत स्नातक — बंशीधर ब्रजवासी (निर्दलीय)
कर्नाटक: कांग्रेस को नहीं मिली कोई सीट
कर्नाटक की चारों विधान परिषद सीटों पर भाजपा-जदयू नहीं, बल्कि भाजपा-जेडी(एस) गठबंधन ने जीत हासिल की। भाजपा ने तीन सीटों पर कब्जा बरकरार रखा, जबकि जेडी(एस) ने बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जीत दर्ज की। राज्य में कांग्रेस की एक भी सीट नहीं आई, जो सत्तारूढ़ पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
कर्नाटक के विजेता:
- बेंगलुरु शिक्षक — ए.पी. रंगनाथ (जेडीएस)
- उत्तर-पूर्व शिक्षक — शशिल जी. नमोशी (भाजपा)
- दक्षिण-पूर्व स्नातक — के.एम. सुरेश (भाजपा)
- पश्चिम स्नातक — एस.वी. संकनूर (भाजपा)
महाराष्ट्र: नागपुर में कांग्रेस की जीत, भाजपा को झटका
महाराष्ट्र की पांच सीटों पर मुकाबला दिलचस्प रहा। यहां कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के सुधाकर कोहले को 3,271 वोटों से हराया। वंजारी को 67,231 वोट मिले, जबकि कोहले को 63,960 वोट प्राप्त हुए। नागपुर को भाजपा का मजबूत राजनीतिक क्षेत्र माना जाता है, इसलिए इस नतीजे को पार्टी के लिए झटके के तौर पर देखा गया।
महाराष्ट्र में शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने दो सीटें जीतीं। भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को एक-एक सीट मिली। इस तरह पांच में से तीन सीटें विपक्षी महा विकास आघाड़ी के खाते में गईं, जबकि दो सीटें सत्तारूढ़ महायुति ने जीतीं।
महाराष्ट्र के विजेता:
- नागपुर स्नातक — अभिजीत वंजारी (कांग्रेस)
- पुणे शिक्षक — कौस्तुभ गावड़े (भाजपा)
- अमरावती शिक्षक — किरण सरनाईक (शिवसेना-शिंदे गुट)
- पुणे स्नातक — हर्षदा देशमुख-जाधव (एनसीपी-शरद पवार गुट)
- छत्रपति संभाजीनगर स्नातक — डॉ. प्रतापसिंह पाटिल (एनसीपी-शरद पवार गुट)
चुनाव परिणामों से क्या संकेत मिले?
चार राज्यों के इन चुनावों में NDA ने कुल सीटों के मामले में बढ़त बनाई। उत्तर प्रदेश में सपा ने अपनी स्थिति मजबूत की, बिहार में जनसुराज ने पहली बार विधान परिषद में जगह बनाई और महाराष्ट्र में कांग्रेस ने नागपुर सीट बचाकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। कर्नाटक में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली।
कुल मिलाकर, इन चुनावों के नतीजों ने अलग-अलग राज्यों में राजनीतिक दलों की ताकत और स्थानीय समीकरणों की अलग तस्वीर पेश की है।


