बोकारो: ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने को लेकर जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को उपायुक्त अजय नाथ झा ने समाहरणालय में गोमिया प्रखंड की सियारी पंचायत में आयोजित लोक संवाद के दौरान ग्रामीणों की ओर से उठाए गए मामलों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से एक-एक मामले की जानकारी ली और लंबित मामलों को तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, अपर समाहर्ता सुनील चन्द्र, उप निदेशक सह डीपीआरओ रवि कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
डुमरी बिरहोर विद्यालय को हाई स्कूल बनाने की पहल
लोक संवाद में ग्रामीणों ने मध्य विद्यालय डुमरी बिरहोर को उच्च विद्यालय में अपग्रेड करने की मांग रखी थी। समीक्षा के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि विद्यालय को अपग्रेड करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया गया है।
जब तक विद्यालय को उच्च विद्यालय का दर्जा नहीं मिलता, तब तक बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए उपायुक्त ने मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के तहत गोमिया प्रखंड मुख्यालय के विद्यालयों तक आने-जाने के लिए वैकल्पिक बस व्यवस्था तैयार करने का निर्देश दिया।
सड़क और पुल की समस्याओं का होगा स्थल निरीक्षण
सियारी पंचायत से जुड़े कई सड़क और पुल के मामलों पर भी बैठक में चर्चा हुई। इनमें धमदरबा-कासीटांड़ से बिरहोरडेरा सड़क, डुमरी से बड़कीकोयाटांड़ सड़क और तुलबुल-ढेंढे-सियारी मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुल का मामला शामिल रहा।
उपायुक्त ने विशेष प्रमंडल की टीम को 30 अगस्त तक संबंधित स्थलों का सर्वे कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। जरूरत पड़ने पर अनटाइड फंड से भी काम कराने की संभावना तलाशने का निर्देश दिया गया।
पात्र ग्रामीणों को वन पट्टा दिलाने पर जोर
वनाधिकार से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने पात्र ग्रामीणों को सामूहिक वन अधिकार के तहत वन पट्टा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा। इसके लिए ग्रामसभा आयोजित कर आवश्यक प्रस्ताव पारित कराने और ग्रामीणों को वन अधिकार कानून की जानकारी देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्देश दिया गया।
जर्जर आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी चर्चा
पंचायत के विभिन्न गांवों में जर्जर प्रधानमंत्री आवासों को लेकर भी अधिकारियों को कार्रवाई करने को कहा गया। पात्र परिवारों के आवास की मरम्मत या स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी गोमिया बीडीओ को दी गई।
वहीं ग्रामीणों की ओर से स्वास्थ्य सुविधाओं और एंबुलेंस की मांग पर उपायुक्त ने आवश्यक पहल करने को कहा। सीएसआर के माध्यम से ओएनजीसी से एंबुलेंस उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्रवाई का निर्देश दिया गया।
पत्तल और रस्सी निर्माण से रोजगार बढ़ाने की तैयारी
ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार से जोड़ने पर भी प्रशासन ने जोर दिया। पत्तल बनाने, सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने और रस्सी निर्माण के लिए मशीन की मांग पर संबंधित विभागों को आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।
उपायुक्त ने स्वयं सहायता समूहों के जरिए पत्तल और रस्सी निर्माण जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने और ग्रामीणों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
टीवीएनएल भूमि विवाद पर होगी त्रिस्तरीय वार्ता
सियारी पंचायत में टीवीएनएल द्वारा अधिग्रहित जमीन और मुआवजे से जुड़े मामलों पर भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को टीवीएनएल की ओर से अधिग्रहित जमीन, मुआवजे की दर और अब तक किए गए भुगतान का विस्तृत ब्योरा तैयार करने का निर्देश दिया।
इसके बाद टीवीएनएल प्रबंधन, जिला प्रशासन और विस्थापित ग्रामीणों के बीच त्रिस्तरीय बैठक कर मामले को समझने और समाधान की दिशा में आगे बढ़ने को कहा गया।
मॉडल पंचायत के रूप में विकसित होगा सियारी
उपायुक्त ने सियारी पंचायत को मॉडल पंचायत के रूप में विकसित करने की दिशा में विभागों को मिलकर काम करने का निर्देश दिया। युवाओं के लिए कोचिंग, विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक अवसर और ग्रामीणों के लिए रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने को लेकर कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
साथ ही औद्योगिक संस्थानों के सीएसआर फंड के माध्यम से पंचायत को गोद लेने की संभावनाएं तलाशने का निर्देश भी दिया गया।
खेती के साथ दूसरे रोजगार पर भी जोर
ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए उपायुक्त ने कम्युनिटी फार्मिंग और इंटीग्रेटेड फार्मिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ अन्य आजीविका के साधनों को जोड़कर ग्रामीण परिवारों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है।
सियारी को नशामुक्त पंचायत बनाने की पहल
बैठक में सियारी को नशामुक्त पंचायत बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। इसके लिए गांव में जागरूकता बोर्ड लगाने, युवाओं की यूथ ब्रिगेड तैयार करने और सामुदायिक स्तर पर नशे के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
प्रत्येक सप्ताह जागरूकता और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए राष्ट्रीय चेतना एवं सांस्कृतिक समिति के गठन की बात कही गई। पंचायत में हो रही सकारात्मक गतिविधियों और ग्रामीणों की उपलब्धियों को सामने लाने के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ‘पत्रकार दीदी’ के रूप में सक्रिय करने पर भी जोर दिया गया।
ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता
समीक्षा बैठक के अंत में उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि लोक संवाद का मकसद केवल ग्रामीणों की समस्याएं सुनना नहीं, बल्कि उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक मामले की नियमित समीक्षा करने और की गई कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य सियारी पंचायत की बुनियादी समस्याओं के समाधान के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, आवास और सामाजिक विकास के क्षेत्रों में ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
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