नालंदा। बिहार के नालंदा जिले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करायपरसुराय प्रखंड के सहकारिता प्रसार पदाधिकारी (BCO) संतोष कुमार को 28 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बुधवार को हुई इस कार्रवाई के बाद करायपरसुराय प्रखंड कार्यालय और सहकारिता विभाग से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया।
निगरानी की टीम ने यह कार्रवाई एक शिकायत के सत्यापन के बाद पूर्व निर्धारित योजना के तहत की। आरोप है कि बीसीओ ने सांध पंचायत से जुड़ी सहकारी समिति के प्रबंधक को कार्यभार सौंपने के बदले 28 हजार रुपये की मांग की थी।
करीब दो साल से प्रभार सौंपने को लेकर चल रहा था मामला
मामला सांध पंचायत से जुड़ी सहकारी समिति का बताया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, सांध गांव निवासी अभिषेक कुमार को सहकारी समिति के प्रबंधक का कार्यभार सौंपा जाना था। आरोप है कि कार्यभार सौंपने की प्रक्रिया को लेकर बीसीओ संतोष कुमार द्वारा उन्हें करीब दो वर्षों तक टाल-मटोल किया जाता रहा।
इसी दौरान प्रबंधक का प्रभार सौंपने और संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के एवज में कथित तौर पर 28 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई। रिश्वत की मांग से परेशान अभिषेक कुमार ने मामले की शिकायत पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से की।
शिकायत के बाद निगरानी ने कराया सत्यापन
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पहले शिकायत की जांच और सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि होने के बाद आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए कार्रवाई की योजना बनाई गई।
इसके लिए डीएसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष धावादल का गठन किया गया। टीम ने शिकायतकर्ता को निर्धारित योजना के अनुसार बीसीओ के पास भेजा, जबकि निगरानी टीम के सदस्य आसपास सादे कपड़ों में तैनात रहे।
केमिकल लगे नोटों के साथ मौके पर दबोचा
पूर्व निर्धारित योजना के तहत बुधवार को अभिषेक कुमार बीसीओ संतोष कुमार के पास पहुंचे। रिपोर्टों के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने निगरानी टीम की ओर से उपलब्ध कराए गए केमिकल लगे 28 हजार रुपये बीसीओ को दिए।
जैसे ही कथित तौर पर रिश्वत की रकम अधिकारी को दी गई, आसपास मौजूद निगरानी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संतोष कुमार को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से रिश्वत की पूरी रकम बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।
गिरफ्तारी के बाद BCO को पटना ले गई टीम
मौके पर कार्रवाई पूरी करने के बाद निगरानी टीम गिरफ्तार बीसीओ संतोष कुमार को अपने साथ पटना ले गई। वहां मामले में आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया की जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार, मामले में भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी और आरोपी को संबंधित न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना होगा।
कार्रवाई के बाद प्रखंड कार्यालय में मचा हड़कंप
बीसीओ की गिरफ्तारी की सूचना सामने आने के बाद करायपरसुराय प्रखंड मुख्यालय में भी हलचल तेज हो गई। सहकारिता विभाग से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच इस कार्रवाई को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को सरकारी कामकाज में कथित रिश्वतखोरी के खिलाफ की गई कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, गिरफ्तारी किसी व्यक्ति के खिलाफ लगे आरोपों का अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं होती। मामले में आगे की जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही आरोपों पर अंतिम निर्णय होगा।
फिलहाल निगरानी टीम मामले से जुड़े दस्तावेजों, कथित रिश्वत की रकम और शिकायत से संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है। इस कार्रवाई के बाद अब यह भी देखा जाएगा कि जांच में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं।
