रांची: रांची ट्रैफिक पुलिस की ओर से चलाए जा रहे 7 दिवसीय सड़क सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार, 3 अक्टूबर को विकास विद्यालय, नेवरी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान के छठे दिन करीब 300 स्कूली बच्चों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया।
बच्चों को बताया गया- पैदल यात्रियों का सम्मान करें
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को सड़क पर पैदल चलने वाले लोगों के प्रति संवेदनशील रहने और उनकी सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की। अभियान के छठे दिन का मुख्य संदेश ‘पैदल यात्रियों का सम्मान करें’ रहा।
बच्चों को बताया गया कि सड़क का इस्तेमाल करते समय केवल वाहन चालकों को ही नहीं, बल्कि पैदल यात्रियों को भी सुरक्षित रास्ता और पर्याप्त स्थान देना जरूरी है। सड़क पार करते समय सावधानी बरतने और यातायात नियमों का पालन करने के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई।
थाना प्रभारी ने दी ट्रैफिक नियमों की जानकारी
जागरूकता कार्यक्रम में पु0अ0नि0-सह-थाना प्रभारी अवध बिहारी कुंवर ने बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी दी। उन्होंने सड़क पर सुरक्षित आवागमन के लिए नियमों का पालन करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की बात कही।
बच्चों को सड़क पर चलते समय सावधानी बरतने, यातायात संकेतों को समझने और सड़क सुरक्षा से जुड़े जरूरी नियमों के बारे में बताया गया।
प्राचार्य, शिक्षक और स्कूल बस चालक भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में विकास विद्यालय के प्राचार्य, स्कूल के शिक्षक और स्कूल बस चालक भी मौजूद रहे। स्कूल परिसर में आयोजित इस जागरूकता अभियान के दौरान बच्चों को सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।
स्कूल बस चालकों को भी यातायात नियमों के पालन और बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर जागरूक किया गया।
7 दिवसीय अभियान का छठा दिन
रांची ट्रैफिक पुलिस की ओर से आयोजित यह अभियान 7 दिवसीय सड़क सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान का हिस्सा है। अभियान के अलग-अलग दिनों में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर लोगों और स्कूली बच्चों को जागरूक किया जा रहा है।
अभियान के छठे दिन विकास विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के जरिए करीब 300 बच्चों तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया। ट्रैफिक पुलिस का उद्देश्य बच्चों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उनके माध्यम से सड़क सुरक्षा का संदेश परिवार और समाज तक पहुंचाना भी है।
