कोलकाता: झारखंड के दो माओवादी नेता मंगल और मालती ने शुक्रवार को कोलकाता में आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार पहुंचे और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सामने सरेंडर किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया गया है।
कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंदा ने प्रेस ब्रीफिंग में दोनों के आत्मसमर्पण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि झारखंड पुलिस ने मंगल पर 5 लाख रुपये और मालती पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। दोनों लंबे समय से भूमिगत थे और अब उन्होंने सशस्त्र संघर्ष का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।
पुनर्वास पर विचार कर रही पुलिस
कोलकाता पुलिस दोनों को राज्य सरकार की नीतियों और पुनर्वास पैकेज के तहत मुख्यधारा में वापस लाने की संभावनाओं पर विचार कर रही है। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, दोनों के नाम पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों के विभिन्न थानों में दर्ज मामलों में शामिल हैं। ऐसे में कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोनों से पूछताछ के लिए झारखंड पुलिस की एक टीम के कोलकाता पहुंचने की उम्मीद है।
कई मामलों में शामिल होने का आरोप
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों तोड़फोड़ और अन्य आपराधिक घटनाओं से जुड़े कई मामलों में शामिल रहे हैं। पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सालबोनी थाने में मंगल के खिलाफ भी कई गंभीर मामले लंबित बताए गए हैं। संदेह है कि वह सालबोनी समेत जंगलमहल क्षेत्र में हुए माओवादी हमलों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहा है।
हिंसा का रास्ता छोड़ने की अपील
आत्मसमर्पण के बाद मंगल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हथियार उठाने से समाज को कोई लाभ नहीं होता। उन्होंने कहा कि हिंसा के रास्ते पर चलकर तबाही और खून-खराबे के अलावा कुछ हासिल नहीं किया जा सकता। इसी अहसास के बाद उन्होंने हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने और सामान्य जीवन में लौटने का फैसला किया।
इस घटनाक्रम को सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि इस तरह के कदम से दूसरे माओवादी भी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।
