Friday, October 23

रांची: झारखंड में करीब 1300 पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के संपत्ति ब्योरा जमा करने का मामला चर्चा में है। हर साल जनवरी-फरवरी में राज्य सरकार के अधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को अपनी संपत्ति का विवरण देना होता है। इस बार विभिन्न कारणों से करीब 300 पुलिस अधिकारी और राज्य प्रशासनिक सेवा के 1000 अधिकारी निर्धारित समय में यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए। अब प्रमोशन में परेशानी से बचने के लिए ये अधिकारी संपत्ति का ब्योरा जमा करना चाहते हैं। इसके लिए मानव संपदा पोर्टल दोबारा खोलने की मांग की जा रही है।

पोर्टल खोलने की मांग लगातार उठ रही थी, लेकिन कार्मिक विभाग इसके लिए सहमत नहीं था। इसके बाद पुलिस एसोसिएशन ने वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर से हस्तक्षेप की अपील की। वित्त मंत्री ने इस मामले में पहल करते हुए कार्मिक विभाग से पोर्टल खोलने का आग्रह किया। हालांकि, इस मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी। खबर के मुताबिक, गृह सचिव और वित्त मंत्री की सलाह पर भी निर्णय नहीं हो पाया।

वित्त मंत्री ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के आग्रह पर कार्मिक सचिव प्रवीण टोप्पो की ओर से सहमति नहीं मिलने के बाद वित्त मंत्री ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मानव संपदा पोर्टल दोबारा खोलने का अनुरोध किया। वित्त मंत्री ने पोर्टल नहीं खोलने के कारणों को लेकर भी सवाल उठाए थे। उनके मुताबिक, कार्मिक सचिव ने इस संबंध में लिखे पत्र का जवाब देना भी उचित नहीं समझा।

मुख्य सचिव ने गठित की तीन सदस्यीय कमेटी

वित्त मंत्री के पत्र पर मुख्य सचिव ने संज्ञान लिया। इसके बाद विकास आयुक्त अजय कुमार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई। इस पहल के बाद मामले में आगे की प्रक्रिया को लेकर उम्मीद जगी है।

‘कार्मिक सचिव को हठधर्मिता छोड़नी चाहिए’

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि इस बात पर अड़े रहना उचित नहीं है कि मानव संपदा पोर्टल केवल जनवरी-फरवरी में ही खोला जाएगा। उन्होंने कार्मिक सचिव से हठधर्मिता छोड़ने की अपील की। उनका कहना है कि पोर्टल दोबारा खोलने में न तो कोई वित्तीय मामला है और न ही कोई प्रशासनिक अड़चन। इससे सरकार को फायदा होगा और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

वित्त मंत्री ने मुख्य सचिव के हस्तक्षेप के लिए उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि पुलिस एसोसिएशन इस पहल से खुश है। उम्मीद है कि जिन पदाधिकारियों का संपत्ति ब्योरा अब तक जमा नहीं हो पाया है, उन्हें पोर्टल खुलने से इसका लाभ मिलेगा।

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