उत्तर प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपने पत्ते खोलने शुरू कर दिए हैं। पार्टी ने वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव के साथ धनराज परिमल नाथवानी को भी उम्मीदवार बनाया है। धनराज का नाम सामने आते ही राजनीतिक चर्चा तेज हो गई, क्योंकि वह सपा के पारंपरिक राजनीतिक चेहरों में शामिल नहीं हैं। वह रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े कारोबारी और खेल प्रशासन से जुड़े एक चर्चित नाम हैं।
धनराज नाथवानी बुधवार को रामगोपाल यादव के साथ नामांकन दाखिल करने वाले हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सपा ने उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा भेजने का फैसला क्यों किया और उनकी उम्मीदवारी के पीछे पार्टी की रणनीति क्या है।
कारोबार की दुनिया में बड़ा नाम
धनराज परिमल नाथवानी लंबे समय से रिलायंस समूह से जुड़े हुए हैं। वह रिलायंस इंडस्ट्रीज में ग्रुप प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी संभालते हैं। रिलायंस समूह की अलग-अलग परियोजनाओं और कंपनियों से भी उनका जुड़ाव रहा है।
उनकी पहचान सिर्फ कॉरपोरेट जगत तक सीमित नहीं है। धनराज नाथवानी खेल प्रशासन में भी सक्रिय रहे हैं। वह गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके हैं और गुजरात स्टेट फुटबॉल एसोसिएशन से भी जुड़े रहे हैं। नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम से जुड़े कामों में भी उनकी भूमिका बताई जाती है।
यानी एक तरफ उनका लंबा कॉरपोरेट अनुभव है तो दूसरी तरफ खेल प्रशासन में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है। यही वजह है कि सपा के उम्मीदवार के तौर पर उनका नाम सामने आने के बाद उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
पिता परिमल नाथवानी भी राज्यसभा में
धनराज नाथवानी के नाम के साथ उनके पिता परिमल नाथवानी का नाम भी जुड़ा है। परिमल नाथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े रहे हैं और लंबे समय से राज्यसभा के सदस्य हैं।
जून 2026 में झारखंड से हुए राज्यसभा चुनाव में परिमल नाथवानी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरे थे। उन्हें भाजपा का समर्थन मिला था और चुनाव में वह विजयी हुए। उनके साथ JMM के बैद्यनाथ राम भी राज्यसभा पहुंचे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा चुनाव हार गए।
यही राजनीतिक पृष्ठभूमि अब धनराज नाथवानी की उम्मीदवारी को और चर्चा में ला रही है। एक तरफ उनके पिता झारखंड से निर्दलीय सांसद हैं, जिन्हें चुनाव में भाजपा का समर्थन मिला था, वहीं अब बेटे धनराज को समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है।
सपा के लिए धनराज का नाम क्यों अहम है?
सपा ने इस बार राज्यसभा चुनाव में अपने दो उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। रामगोपाल यादव पार्टी के पुराने और प्रमुख नेताओं में हैं, जबकि धनराज नाथवानी का नाम अपेक्षाकृत नया और चौंकाने वाला है।
उनकी उम्मीदवारी को लेकर पार्टी ने अब तक कोई विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किया है। इसलिए उनके चयन के पीछे किसी खास राजनीतिक सौदे या मकसद को लेकर निश्चित दावा करना जल्दबाजी होगी।
हालांकि इतना साफ है कि सपा ने इस बार अपने उम्मीदवारों में एक ऐसे चेहरे को जगह दी है, जिसकी पहचान राजनीति के साथ-साथ कारोबार और खेल प्रशासन में भी है।
यूपी में राज्यसभा चुनाव का क्या है गणित?
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव होना है। सपा ने फिलहाल रामगोपाल यादव और धनराज नाथवानी के नाम घोषित किए हैं। पार्टी के तीसरे उम्मीदवार के नाम को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं हुई है।
यही तीसरी सीट अब चुनाव की चर्चा का बड़ा हिस्सा बन गई है। भाजपा और सपा दोनों के पास अपने-अपने विधायकों की संख्या के आधार पर सीटों का गणित है, लेकिन अतिरिक्त सीट के लिए मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।
इस बीच धनराज नाथवानी का नाम सामने आने से यूपी के राज्यसभा चुनाव की सियासत में एक नया पहलू जुड़ गया है। अब निगाहें सपा के तीसरे उम्मीदवार और चुनाव के अगले चरण पर हैं।
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