रांची: धुर्वा थाना पुलिस और गठित विशेष एसआईटी टीम ने राजधानी रांची और आसपास के जिलों में सक्रिय एक अंतरजिला बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन मुख्य चोरों और दो खरीददारों समेत कुल 8 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर कुल 10 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। इस कार्रवाई से रांची और पड़ोसी जिलों के दर्जनों मामलों का खुलासा हुआ है।
गश्ती के दौरान हत्थे चढ़े आरोपी
25 अगस्त 2026 को धुर्वा थाना पुलिस द्वारा सठियो-धुर्वा मार्ग स्थित स्वर्ण रेखा नदी पुल के पास चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान बाइक सवार तीन संदिग्ध पुलिस को देखकर भागने लगे, जिन्हें पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए खदेड़कर पकड़ा। जांच में उनकी बाइकों के नंबर प्लेट और रजिस्ट्रेशन नंबर फर्जी पाए गए।
निशानदेही पर 10 बाइकें बरामद
वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश, पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन और पुलिस उपाधीक्षक हटिया निरज कुमार झा के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर छापेमारी कर चोरी की कुल 10 मोटरसाइकिलें (जिसमें Yamaha R15, SP Shine, Honda Shine, Hero Honda Deluxe, Super Splendor, Passion Pro शामिल हैं) जब्त की गईं।
गिरफ्तार अभियुक्त और उनका आपराधिक इतिहास:
भरत बैठा (26 वर्ष) – निवासी: तुतलो, थाना नरकोपी, रांची। (इसके खिलाफ कोतवाली, चुटिया, धुर्वा, बालूमाथ, कुडू, नामकुम और जगन्नाथपुर थानों में चोरी एवं आर्म्स एक्ट के 11 मामले दर्ज हैं)।
सुनील करमाली (25 वर्ष) – निवासी: लुकैया, थाना पिपरवार, चतरा। (इसके विरुद्ध खेलारी थाना में 1 मामला दर्ज है)।
रोहित उरांव (22 वर्ष) – निवासी: भग्या, थाना बालूमाथ, लातेहार। (इसके विरुद्ध बालूमाथ, धुर्वा और नामकुम थानों में 3 मामले दर्ज हैं)।
रोहित कुमार मुण्डा (28 वर्ष) – निवासी: मंगरुतरी, थाना मैक्लुस्कीगंज, रांची (खरीददार/सहयोगी)।
प्रदीप उरांव – निवासी: लुकैया, थाना पिपरवार (खरीददार/सहयोगी)।
इनके साथ संजय गंझू, सरजू मुंडा और सुमित उरांव गिरफ्तार किए गए हैं.
छापेमारी टीम में शामिल अधिकारी:
कार्रवाई में DSP हटिया निरज कुमार झा के नेतृत्व में धुर्वा थाना प्रभारी अनिल कुमार तिवारी, जगन्नाथपुर थाना प्रभारी, टाटीसिल्वे थाना प्रभारी, मैक्लुस्कीगंज थाना प्रभारी, विधानसभा थाना प्रभारी, पु०अ०नि० लव कुमार, पु०अ०नि० गगन ठाकुर, पु०अ०नि० हिरालाल साह सहित कई पुलिस अधिकारी और सशस्त्र बल शामिल थे।
