राज्यभर में शुक्रवार को बैंक कर्मचारियों की हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। राजधानी रांची समेत अलग-अलग जिलों में बैंककर्मी और अधिकारी आंचलिक कार्यालयों के बाहर एकजुट होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर आयोजित इस हड़ताल में बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी शामिल हुईं। कई बैंक कार्यालयों और शाखाओं के बाहर कर्मचारियों ने तंबू लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।
बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग वर्किंग लागू करना शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि यह मांग पिछले दो वर्षों से लंबित है, लेकिन सरकार और बैंक प्रबंधन की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को देशव्यापी एक दिवसीय हड़ताल बुलाई गई है।
रांची में कई आंचलिक कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन
रांची में बैंक ऑफ इंडिया, भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक समेत विभिन्न बैंकों के रीजनल और आंचलिक कार्यालयों के बाहर कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं। राजधानी में बैंक कर्मचारियों के आंदोलन के कारण बैंकिंग कामकाज प्रभावित हुआ है।
दो दिन की वार्ता विफल होने के बाद हड़ताल
केंद्रीय श्रमायुक्त कार्यालय में बैंक प्रबंधन, वित्त मंत्रालय और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बीच दो दिनों तक चली वार्ता बुधवार को बेनतीजा रही। इसके बाद 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया।
शुक्रवार की हड़ताल के बाद शनिवार को महीने का दूसरा शनिवार और फिर रविवार होने के कारण बैंक लगातार तीन दिन बंद रहेंगे। राज्य में करीब 30 से 35 हजार बैंक अधिकारी और कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं।
सितंबर में फिर तीन दिन की हड़ताल
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव डीएन त्रिवेदी के अनुसार, यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का भी ऐलान किया है। मांगों पर पहल नहीं होने पर अक्टूबर के अंत से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है। हालांकि, हड़ताल के दौरान UPI, ATM और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है।
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