रांची। रांची के पारस अस्पताल पर गंभीर आरोप लगे है। एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, यहां महज नौ महीने की बच्ची की ऑपरेशन के बाद मौत हो गई। बच्ची को कटे हुए होंठ (Cleft Lip) की सर्जरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है।
परिजनों के मुताबिक, बच्ची को कटे हुए होंठ के अलावा कोई बड़ी स्वास्थ्य समस्या नहीं थी। परिवार को उम्मीद थी कि सर्जरी के बाद बच्ची ठीक होकर घर लौट आएगी, लेकिन ऑपरेशन के बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
‘आखिर ऐसी क्या परिस्थिति बनी कि बच्ची की मौत हो गई?’
बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। उनका आरोप है कि अगर बच्ची को सिर्फ होंठ की सर्जरी के लिए अस्पताल लाया गया था, तो आखिर ऑपरेशन के बाद ऐसी कौन-सी परिस्थिति बनी कि नौ महीने की मासूम की जान चली गई।
परिजनों ने इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप लगाते हुए संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस अस्पताल पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या कहा अस्पताल प्रबंधन ने –
मामले में झारखंड डिजिटल की टीम ने अस्पताल प्रबंधन से संपर्क कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन अस्पताल की ओर से फिलहाल कोई स्पष्ट और आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया। डॉक्टर यशवंत से संपर्क करने पर उन्होंने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही। उन्होंने बताया कि वह फिलहाल छुट्टी पर हैं और शहर से बाहर हैं। उन्होंने मामले की जानकारी अस्पताल से लेने की बात कही।
इसके बाद दूसरे डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई। डॉक्टर शिशिर से बात हुई तो उन्होंने भी डॉक्टर यशवंत से संपर्क करने की बात कही। वहीं, अस्पताल के PRO का नंबर मांगने पर संबंधित कर्मचारी की ओर से बताया गया कि थोड़ी देर में नंबर उपलब्ध करा दिया जाएगा। उस समय संबंधित व्यक्ति के ड्राइविंग में होने की बात कही गई।
यानी एक तरफ परिवार अपनी नौ महीने की बच्ची को खो चुका है और अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इस पूरे मामले पर अस्पताल प्रबंधन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट और आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल बच्ची की मौत का वास्तविक कारण जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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