Tuesday, October 13

रांची: राजधानी रांची में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और रांची पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त टीम ने नगड़ी थाना क्षेत्र में करीब 97 किलो गांजा बरामद किया है। गांजे की यह खेप दो कारों के जरिए रांची लाई जा रही थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तस्करों ने पुलिस की निगरानी से बचने के लिए तस्करी में दो कारों का इस्तेमाल किया था। एक कार आगे चल रही थी, जबकि दूसरी कार में गांजे की खेप रखी गई थी। आगे चल रही कार के जरिए रास्ते की रेकी किए जाने की बात सामने आई है।

ओडिशा से रांची लाई जा रही थी खेप

NCB को गुप्त सूचना मिली थी कि ओडिशा से गांजे की बड़ी खेप रांची लाई जा रही है। सूचना मिलने के बाद एनसीबी की टीम ने रांची पुलिस से संपर्क किया और नगड़ी इलाके में संदिग्ध वाहनों की निगरानी शुरू की गई।

टीम को आशंका थी कि तस्कर किसी वाहन के जरिए नशीले पदार्थ को रांची की सीमा में लेकर आ सकते हैं। इसी आधार पर इलाके में वाहनों की जांच और निगरानी बढ़ा दी गई। इसी दौरान दो संदिग्ध कारें टीम की नजर में आईं।

पुलिस को देखते ही दोनों कारों ने बदला रास्ता

जांच अभियान के दौरान जैसे ही पुलिस और एनसीबी की टीम की नजर संदिग्ध कारों पर पड़ी, आगे चल रही कार के चालक ने अचानक वाहन वापस मोड़कर निकलने की कोशिश की। इसके पीछे चल रही दूसरी कार ने भी तेजी से वहां से निकलने का प्रयास किया।

हालांकि, टीम पहले से सतर्क थी। पुलिस और एनसीबी के जवानों ने दोनों वाहनों को घेर लिया और उनकी तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान एक कार से बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। वजन करने पर इसकी मात्रा करीब 97 किलो बताई गई।

आगे वाली कार करती थी रेकी, पीछे थी गांजे की खेप

जांच में तस्करी का तरीका भी सामने आया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तस्करों ने पुलिस की नजर से बचने के लिए दो कारों का इस्तेमाल किया था। आगे चल रही कार का काम रास्ते की निगरानी और रेकी करना था। पीछे चल रही कार में गांजे की खेप रखी गई थी।

इस तरह आगे चल रही कार के जरिए रास्ते में पुलिस की मौजूदगी और चेकिंग की जानकारी पीछे आ रही कार तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी। हालांकि नगड़ी में पुलिस और एनसीबी की सतर्कता के कारण तस्करों की योजना सफल नहीं हो सकी और दोनों वाहनों को रोक लिया गया।

बरही तक पहुंचाई जानी थी गांजे की खेप

प्रारंभिक पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि गांजे की खेप को हजारीबाग जिले के बरही तक ले जाया जाना था। हालांकि, इस पूरे नेटवर्क में गांजा कहां से खरीदा गया, किसने इसकी सप्लाई की और बरही में इसे किसे सौंपा जाना था, इसकी जांच अभी जारी है।

NCB की टीम गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का फोकस तस्करी के स्रोत और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने पर है।

तीन आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच जारी

कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में हजारीबाग निवासी शुभम कुमार और सूरज कुमार की पहचान हुई है। तीसरे आरोपी की पहचान और उसकी भूमिका को लेकर पूछताछ की जा रही है।

पूछताछ में आरोपियों से गांजे की खेप के स्रोत, सप्लायर, परिवहन के तरीके और संभावित नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। एनसीबी यह भी पता लगाने में जुटी है कि इससे पहले इस नेटवर्क के जरिए कितनी खेप इधर-उधर की गई है।

नगड़ी पुलिस की भूमिका भी अहम

इस कार्रवाई में नगड़ी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार और उनकी टीम ने भी एनसीबी के साथ मिलकर कार्रवाई की। गुप्त सूचना के बाद इलाके में की गई निगरानी और संदिग्ध वाहनों की घेराबंदी में स्थानीय पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

करीब 97 किलो गांजे की बरामदगी के बाद अब जांच का दायरा केवल पकड़ी गई खेप तक सीमित नहीं है। एनसीबी और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी के पीछे कौन लोग हैं और रांची के रास्ते चल रहे इस नेटवर्क की कड़ियां कहां-कहां तक जुड़ी हैं।

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