गुमला: घाघरा में तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से स्कूटी सवार युवक की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। मंगलवार रात हुई दुर्घटना के विरोध में ग्रामीणों ने घाघरा थाना मुख्यालय के पास पेट्रोल पंप के समीप नेतरहाट-रांची मुख्य पथ को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी बॉक्साइट ट्रकों की तेज रफ्तार और लापरवाही पर रोक लगाने के साथ जिम्मेदार चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
ट्रक की चपेट में आने से युवक की मौत, दूसरा घायल
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को घाघरा थाना मुख्यालय स्थित हॉस्पिटल मोड़ के पास तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया था। हादसे में स्कूटी सवार 22 वर्षीय श्याम पुरकी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथ सवार दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मृतक चाईबासा का रहने वाला बताया जा रहा है और वह स्कूटी से नेतरहाट घूमने जा रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद भी ट्रक नहीं रुका। आरोप है कि युवक के शव को करीब 500 मीटर और स्कूटी को लगभग डेढ़ किलोमीटर तक घसीटता हुआ ट्रक आगे बढ़ता रहा। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस ने ट्रक जब्त किया, चालक फरार
घटना की सूचना मिलने पर घाघरा थाना पुलिस ने ट्रक का पीछा किया और उसे जब्त कर लिया। पुलिस ने ट्रक में फंसी स्कूटी को बाहर निकलवाया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल भेज दिया। हालांकि, ट्रक चालक मौके से फरार होने में सफल रहा।
बॉक्साइट ट्रकों की रफ्तार पर रोक लगाने की मांग
हादसे के बाद ग्रामीणों ने क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही और तेज रफ्तार से वाहन चलाए जाने पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि घाघरा में बॉक्साइट ट्रकों समेत अन्य भारी वाहनों के चालक अक्सर तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित ट्रक चालक को जल्द गिरफ्तार किया जाए और बॉक्साइट ट्रकों की गति व आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जाए। त्योहारों के समय मुख्य मोड़ और बाजार क्षेत्र में लोगों की आवाजाही बढ़ने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई गई है।
सड़क सुरक्षा और पुलिस गश्ती व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना मुख्यालय के पास स्थित मोड़ पर इस तरह का हादसा होना सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों ने तेज रफ्तार वाहनों पर सख्ती, नियमित पुलिस गश्ती और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था बेहतर करने की मांग की है।
फिलहाल, ग्रामीणों का विरोध बॉक्साइट ट्रकों पर कार्रवाई की मांग को लेकर जारी है। अब देखना होगा कि पुलिस और संबंधित प्रशासन भारी वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण, फरार चालक की गिरफ्तारी और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
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