बोकारो: बोकारो की खूबसूरत सेवाती घाटी अब पर्यटन के नक्शे पर अपनी अलग पहचान बनाने की ओर बढ़ रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन के घाटी भ्रमण के बाद जिला प्रशासन ने इसके विकास की दिशा में पहल तेज कर दी है। योजना के तहत घाटी की प्राकृतिक सुंदरता को संवारने, पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित करने और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।
उपायुक्त अजय नाथ झा ने मंगलवार को संबंधित अधिकारियों को सेवाती घाटी की भौगोलिक मैपिंग पूरी कर व्यापक विकास योजना तैयार करने का निर्देश दिया। इस दिशा में आगे की रणनीति तय करने के लिए 23 अक्टूबर को उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी।
मैपिंग से तय होगी विकास की रूपरेखा
सेवाती घाटी की भौगोलिक स्थिति और आसपास की बसावटों की मैपिंग के आधार पर क्षेत्र की विशेषताओं और पर्यटन की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा। उपायुक्त ने अधिकारियों को प्रारंभिक तैयारियां समय पर पूरी करने और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में काम करने को कहा है।
इस प्रक्रिया के जरिए घाटी के विकास के लिए एक ऐसी कार्ययोजना तैयार करने की कोशिश है, जिससे इसकी प्राकृतिक खूबसूरती को बनाए रखते हुए पर्यटकों के लिए सुविधाजनक माहौल तैयार किया जा सके।
बेहतर सड़क और सुविधाओं से बढ़ेगा पर्यटकों का आकर्षण
सेवाती घाटी के विकास की योजना में सुगम सड़क संपर्क, जरूरी नागरिक सुविधाओं और पर्यटकों के अनुकूल आधारभूत संरचनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रशासन की कोशिश है कि विकास के दौरान घाटी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरणीय संतुलन से समझौता न हो। इससे प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं।
झारखंड-बंगाल के पर्यटकों को आकर्षित कर सकती है घाटी
कसमार प्रखंड स्थित सेवाती घाटी हरी-भरी पहाड़ियों, घने जंगलों और घुमावदार रास्तों के कारण प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। यहां ऊंचाई वाले स्थानों से आसपास के जंगलों और पहाड़ियों का मनोरम दृश्य दिखाई देता है। यह जगह प्रकृति प्रेमियों, फोटोग्राफी के शौकीनों और सुकून के पल बिताने की तलाश में आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखती है।
झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा के नजदीक होने के कारण सेवाती घाटी दोनों राज्यों के पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षक गंतव्य बन सकती है। यहां प्रकृति भ्रमण और पिकनिक जैसी गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से विकसित करने की संभावनाएं हैं।
पर्यटन से स्थानीय लोगों को मिल सकती है नई आजीविका
सेवाती घाटी को व्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने से आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने पर स्थानीय स्तर पर छोटे व्यवसाय, खानपान और अन्य पर्यटन संबंधी सेवाओं के जरिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
जिला प्रशासन की पहल से सेवाती घाटी की प्राकृतिक खूबसूरती को नई पहचान देने की दिशा में काम शुरू हुआ है। अब 23 अक्टूबर की बैठक में विकास की संभावनाओं पर चर्चा के बाद आगे की कार्ययोजना को आकार देने पर जोर रहेगा।

