झारखंड: जितेंद्र ज्योतिषी की माता का निधन, चाईबासा ने खोया अपना एक पूज्यनीय व्यक्तित्व
चाईबासा, झारखंड: झारखंड जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र ज्योतिषी की माता का निधन हो गया है। सुंदर देवी (91 वर्ष) ने शनिवार शाम चाईबासा के मूंधड़ा अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से न केवल उनका परिवार बल्कि समूचा पत्रकारिता जगत और स्थानीय सामाजिक समुदाय गहरे शोक में डूब गया है। सुंदर देवी पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं, और शनिवार को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया था, जहां उपचार के दौरान शाम करीब 5 बजे उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए। उनके निधन से चाईबासा में एक अत्यंत सम्मानित व्यक्तित्व की कमी महसूस की जा रही है, जिनकी पहचान उनके सरल स्वभाव, अटूट धार्मिक आस्था और समाज के प्रति निस्वार्थ सेवा से थी। उनका जाना क्षेत्र के लिए एक ऐसी क्षति है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।
आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन की प्रेरणा स्रोत
दिवंगत सुंदर देवी अमलाटोला स्थित शनि साईं मंदिर की मुख्य पुजारिन थीं, जहाँ उन्होंने दशकों तक सेवा की। उनके जीवन का एक बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा धार्मिक अनुष्ठानों और सामाजिक सेवा में बीता। मंदिर में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए वह सिर्फ एक पुजारिन नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक, एक आध्यात्मिक गुरु और सांत्वना का प्रतीक थीं। उनकी वाणी में ऐसी अद्भुत शीतलता थी कि हर कोई उनसे बात करके आत्मिक शांति महसूस करता था। सुंदर देवी का जीवन सादगी, ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा का जीवंत उदाहरण था। वह क्षेत्र में अपने मृदुभाषी व्यक्तित्व, गहरी धार्मिक आस्था और सभी के प्रति प्रेमभाव के लिए अत्यंत सम्मानित थीं। उनकी सक्रिय भागीदारी ने चाईबासा में कई सामाजिक और धार्मिक आयोजनों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे वे स्थानीय जनमानस के हृदय में बस गईं थीं।
उनके निधन की खबर सुनते ही परिजनों, शुभचिंतकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों में शोक की एक गहरी लहर दौड़ गई। हर कोई अपने-अपने तरीके से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है, उनके योगदानों को याद कर रहा है। चाईबासा जैसे छोटे शहर में जहां आपसी संबंध गहरे होते हैं और हर व्यक्ति एक-दूसरे से जुड़ा होता है, वहां सुंदर देवी जैसी शख्सियत का जाना एक व्यक्तिगत क्षति से कहीं बढ़कर था। उनका प्रभाव स्थानीय समाज के हर वर्ग पर था। उन्होंने अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ा है, जिसमें पुत्र-पुत्री, नाती-पोते और कई रिश्तेदार शामिल हैं। परिवार के सदस्यों के अनुसार, अपने अंतिम दिनों तक वह अपने प्रियजनों के बीच रहीं और सभी को उनका स्नेह व आशीर्वाद प्राप्त होता रहा, जो अब सिर्फ अमूल्य यादों में ही शेष रहेगा। उनकी उपस्थिति घर-परिवार के लिए एक मजबूत स्तंभ की तरह थी।
पत्रकार जगत में गहरा शोक और संबल
झारखंड जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र ज्योतिषी के लिए यह व्यक्तिगत क्षति अत्यंत गहरी और असहनीय है। अपनी पूज्यनीय माता को खोने का दुख शब्दों में बयां करना मुश्किल है, लेकिन इस दुखद घड़ी में पूरा पत्रकार समुदाय, विभिन्न सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधि उनके साथ कंधा से कंधा मिलाकर खड़े हैं। उन्हें लगातार सांत्वना और समर्थन मिल रहा है। झारखंड के विभिन्न पत्रकार संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने सुंदर देवी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने एक स्वर में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है और शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है। झारखंड की पत्रकारिता के क्षेत्र में, जहां स्थानीय रिपोर्टिंग और मानवीय संबंधों का महत्व सर्वोपरि है, वहां ऐसे समय में आपसी सहयोग और समर्थन एक मजबूत आधार प्रदान करता है। झारखंड के स्थानीय समाचार पोर्टल भी इस दुखद घटना को प्रमुखता से कवर कर रहे हैं, जो क्षेत्र के पत्रकारों के बीच गहरी एकजुटता और सम्मान को दर्शाता है।
अंतिम संस्कार: नम आंखों से विदाई
जितेंद्र ज्योतिषी ने जानकारी दी है कि उनकी पूज्यनीय माता का अंतिम संस्कार रविवार को चाईबासा स्थित मुक्तिधाम में अत्यंत भावुक माहौल में किया जाएगा। इस दुखद अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों के उपस्थित होने की संभावना है, जो अपनी प्रिय सुंदर देवी को अंतिम विदाई देने के लिए एकत्रित होंगे। परिवार के सदस्य, रिश्तेदार, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, पत्रकार मित्र और शुभचिंतक नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। मुक्तिधाम में होने वाला यह अंतिम संस्कार सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि सुंदर देवी के प्रति अगाध सम्मान, प्रेम और उनके जीवनभर के योगदान का प्रतीक होगा। हर उपस्थित व्यक्ति उनके सरल, पवित्र जीवन और समाज के प्रति उनकी सेवा को याद करते हुए उन्हें अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करेगा। यह क्षण उनकी विरासत को याद करने और उनके द्वारा छोड़ी गई प्रेरणा को आत्मसात करने का होगा, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बनेगी।
सुंदर देवी का निधन चाईबासा और पूरे झारखंड के लिए एक गहरी क्षति है। उन्होंने अपने जीवनकाल में अनेकों लोगों को प्रेरित किया, मार्गदर्शन दिया और अपने आदर्शों से समाज को एक नई दिशा प्रदान की। उनकी स्मृति सदैव उनके प्रियजनों और उन्हें जानने वालों के दिलों में जीवित रहेगी। उनका सरल, धार्मिक और सामाजिक जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बना रहेगा। ऐसे समय में जब समाज को मानवीय मूल्यों और आध्यात्मिकता की आवश्यकता है, सुंदर देवी का जीवन एक ऐसे दीपक की तरह चमकता रहेगा, जो हमें प्रेम, सेवा और आस्था का सही मार्ग दिखाता है। हमारी प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को चिर शांति मिले और उनका परिवार इस दुख की घड़ी में मजबूत बना रहे, क्योंकि सुंदर देवी का जाना सिर्फ एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि एक चलती-फिरती संस्था का समाप्त हो जाना है।


