रांची: राजधानी रांची में कथित तौर पर जामताड़ा मॉडल पर साइबर ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। पिस्का मोड़ के मनेर गली स्थित मालती अपार्टमेंट में मंगलवार शाम छापेमारी के दौरान सत्यम कुमार वर्मा नाम के युवक को हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि युवक मूल रूप से पलामू का रहने वाला है और रांची में रहकर खुद को लॉ थर्ड ईयर का छात्र बताता था। युवक पर 80 करोड़ की ठगी का आरोप है । चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी सत्यम ने आज ही 50 लाख की ठगी को अंजाम दिया है। मौके पर आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस को उसी फ्लैट पर सत्यम की गर्लफ्रेंड भी मिली लेकिन प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया।
रजिस्टर में 80 करोड़ की ठगी का हिसाब …
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला दावा एक रजिस्टर की बरामदगी को लेकर किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि रजिस्टर में करीब 80 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का हिसाब दर्ज है। इसके अलावा, 13 अक्टूबर को ही 50 लाख रुपये की ठगी किए जाने का दावा भी सामने आया है।
हालांकि, रजिस्टर में दर्ज रकम और ठगी के आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि रजिस्टर में दर्ज विवरण किस तरह के लेन-देन से संबंधित हैं और ठगी की वास्तविक रकम कितनी है।
किशोरगंज की रहने वाली गर्लफ्रेंड से भी पूछताछ
मामले में युवक की गर्लफ्रेंड जो छापामारी के समय फ्सेलैट पर ही मौजूद थी उससे भी पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। वह रांची के किशोरगंज की रहने वाली बताई जा रही है। उसने पूछताछ के दौरान बताया कि युवक अपनी गतिविधियों को लेकर काफी सतर्क रहता था। हालांकि, इस संबंध में अभी आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है।
रांची से चल रहा था साइबर ठगी का नेटवर्क?
इस कार्रवाई के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। क्या रांची में बैठकर जामताड़ा मॉडल पर साइबर ठगी का नेटवर्क चलाया जा रहा था? रजिस्टर में दर्ज 80 करोड़ रुपये का हिसाब किससे जुड़ा है? क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं?
फिलहाल सामने आई जानकारी और दावों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। पुलिस की जांच और आधिकारिक बयान के बाद ही पूरे मामले, ठगी की रकम और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।


