रांची में कचहरी चौक से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकाला कैंडल मार्च, राजस्व सुरक्षा अधिनियम लागू करने की उठाई मांग; नामकुम स्थित आवास पर हुई थी लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या।
रांची: राजस्व उप निरीक्षक लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या के विरोध में राजस्व कर्मियों का आक्रोश फूट पड़ा है। सोमवार, 26 अक्टूबर को कर्मियों ने रांची के उपायुक्त से मुलाकात कर हत्याकांड में शामिल आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की। इसके बाद कचहरी चौक से अल्बर्ट एक्का चौक तक कैंडल मार्च निकाला गया। कर्मियों ने मामले की विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और राजस्व सुरक्षा अधिनियम लागू करने की मांग उठाई।
क्या था लक्ष्मीकांत मुंडा हत्याकांड?
अरगोड़ा अंचल कार्यालय में पदस्थापित राजस्व उप निरीक्षक लक्ष्मीकांत मुंडा की 24 अक्टूबर को रांची के नामकुम थाना क्षेत्र के जोरार स्थित तेतरी टोली में उनके आवास पर हत्या कर दी गई थी। उनका शव घर के किचन में मिला था। घटना का पता तब चला, जब वह कार्यालय नहीं पहुंचे और सहकर्मियों के फोन का जवाब नहीं दिया।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घटनास्थल पर उनके शरीर पर चोट के निशान मिले थे। घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का DVR भी गायब पाया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की। हत्या के पीछे का कारण शुरुआती रिपोर्टों में स्पष्ट नहीं था। पुलिस लूटपाट, पुरानी रंजिश और अन्य संभावित पहलुओं से जांच कर रही है।
डीसी से मिलकर की तत्काल गिरफ्तारी की मांग
हत्याकांड से नाराज राजस्व कर्मियों के संघ ने रांची के उपायुक्त से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। संघ ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें कड़ी सजा दिलाई जाए। कर्मियों ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
उपायुक्त से मुलाकात के बाद कर्मियों ने कचहरी चौक से अल्बर्ट एक्का चौक तक कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान दिवंगत लक्ष्मीकांत मुंडा को श्रद्धांजलि दी गई। मार्च के जरिए कर्मियों ने हत्याकांड का जल्द खुलासा करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
राजस्व सुरक्षा अधिनियम लागू करने की मांग
राजस्व कर्मियों ने सरकार से राजस्व सुरक्षा अधिनियम लागू करने की मांग की। उनका कहना है कि राजस्व कार्यों के दौरान कर्मचारियों को सुरक्षा मिलनी चाहिए, ताकि वे बिना किसी भय के अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें। संघ ने मामले की SIT जांच और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग भी उठाई।
लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या के बाद राजस्व कर्मियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। अब उनकी मांग है कि पुलिस जल्द हत्याकांड का खुलासा करे और दोषियों को कानून के तहत सजा दिलाई जाए। मामले में हत्या का वास्तविक कारण और आरोपियों की भूमिका जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।


