रायपुर की खुबसूरत ड्रग्स की डार्लिंग का रांची और जमशेदपुर खूब रहा आना जाना
प्राइवेट फार्म्स में सार्वजनिक पार्टी हो तो क्या हैं नियम
इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों ने क्या पूर्व में ली थी जिलों के SDO से अनुमति
टेक्नो म्युजिक पार्टी में रात भर कैसे नाचते हैं मदहोश युवा
23 अगस्त 2025 ….ये वो तारीख है जिस दिन ड्रग्स की डार्लिंग के नाम से फेमस एक इवेंट कपनी की संचालक गिरफ्तार होती है..आखिर उसका क्या है झारखंड कनेक्शन..पिछले कुछ महीनों में यह ड्रग्स की डार्लिंग कितनी बार झारखंड आयी, इसके संपर्क में झारखंड की कौन कौन इवेंट कंपनियां हैं..ये सवाल रांची के इवेंट कपनी के संचालक रजत जैन की ड्रग्स मामले में गिरफ्तारी के बाद अब और भी तेजी से झारखंड में तैरने लगा है। यही वो कारण है जिसके कारण राज्य की मशहूर इवेंट कंपनियों पर जांच की तलवार लटक गयी है। आखिर कौन है वो ड्र्ग्स की डार्लिंग..हम आपको बताएंगे लेकिन उसके पहले समझ लिजीए इन इवेंट कंपनियों की मार्डस अप्रेंडिस…
इवेंट कंपनियां , प्राइवेट पार्टीज से ड्रग कनेक्शन
हाल में ही राजधानी और जमशेदपुर में चर्चा में आयी इवेंट कंपनियों ने कई प्राइवेट पार्टीज और हालोविन पार्टियों का आयोजन करवाया है। इन पार्टीज के जरिए हाई प्रोफाइल रसुखदारों और रइसजादों के साथ सम्पर्क बनाए जाते हैं। और फिर शुरु होता है ड्रग्स के काले रैकेट का सफेद पावडर का खेल। राजधानी रांची में और जमशेदपुर के कई प्राइवेट फार्म हाउस में निजी संपत्ती बताते हुए पब्लिक पार्टीज का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए बाकायदा इवेंट कंपनियों को पार्टी की जिम्मेदारी दी जाती है। लेकिन गंभीर सवाल यह है कि प्राइवेट प्लेस पर पब्लिक पार्टी करने से पहले शराब परोसने की अनुमति जिला प्रशासन से ली गयी है या नहीं। जबकि नियमानुसार किसी भी पब्लिक पार्टी में शराब परोसने के लिए अनुमति आवश्यक है। साथ ही इन पार्टी के लिए रात 10 बजे से अधिक की अनुमति नहीं मिलती फिर कैसे इनके इंस्टा, फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया पर रात भर पार्टी के दावे किए जाते हैं। हालांकि, ज्यादातर इवेंट कंपनियों ने अपनी सोशल साइट से फोटोज वीडियो हटा दिए हैं लेकिन कई के स्क्रीनशाट झारखंड डिजीटल के पास है।
अब खुलासा करते हैं ड्रग्स की डार्लिंग का
रायपुर पुलिस ने 23 अगस्त 2025 को हाईप्रोफाइल ड्रग रैकेट का खुलासा करते हुए नाव्या मलिक, अयान परवेज, विधि अग्रवाल, ऋषिराज टंडन, सोहेल खान, जुनैद अख्तर, हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया समेत कई आरोपियों को गिरफ्तारी कर लिया। इस मामले में करीब 4 महीने पूर्व तक सभी आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। झारखंड ड्रग्स रैकेट का कनेक्शन कहीं ना कहीं इसी सिंडीकेट से जुड़ा बताया जा रहा है। ड्रग्स की डार्लिंग के नाम से मशहूर रायपुर की विधि अग्रवाल और नाव्या मल्लिक का झारखंड से क्या कनेक्शन है यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है। विधि अग्रवाल एक इवेंट मैनवेजर के रुप में रायपुर में चर्चित हुई थी।
जमानत मिलने के बाद कई बाहर रांची आयी ड्रग की डार्लिंग
पुलिस गिरफ्त में विधि ने बताया कि इवेंट के नाम पर वो पार्टियों में ड्रग सप्लाई का काम करती थी।यहां आपको यह भी बता दें कि पुख्ता सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार करीब 5 महीने पहले विधि अग्रवाल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से जमानत मिल गयी है। जमानत पर छुटने के बाद विधि अग्रवाल का लागातार रांची और जमशेदपुर आना जाना लगा रहा है। विधि का झारखंड के किन लोगों से कनेक्शन है यह अब राज्य पुलिस और एनसीबी के लिए जांच का विषय बन गया है। रांची में रहने के दौरान विधि मेन रोड स्थित एक प्रसिद्ध होटल और हाल ही में बरियातु रोड में खुले एक होटल में ठहरती रही है। इस होटल की खासियत इसका पांचवा फ्लोर है जहां आम लोगों की इंट्री प्रतिबंधित बतायी जा रही है।


