देवघर: साइबर अपराध के खिलाफ देवघर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 11 कथित साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। इसके अलावा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, बिजली बिल और आरटीओ चालान के नाम पर संदिग्ध APK फाइल भेजकर भी साइबर ठगी की जाती थी।
सारठ और पथरड्डा क्षेत्र में छापेमारी
पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में साइबर अपराधियों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया गया। इस दौरान सारठ थाना क्षेत्र और पथरड्डा ओपी क्षेत्र से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके पास से 12 मोबाइल फोन और 14 सिम कार्ड बरामद किए हैं।
फर्जी कस्टमर केयर बनकर करते थे ठगी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी फ्लिपकार्ट-अमेजन पे, गूगल पे, फोनपे, पेटीएम और एयरटेल पेमेंट बैंक के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को निशाना बनाते थे। इसके साथ ही सरकारी योजनाओं, बिजली बिल और आरटीओ चालान के नाम पर संदिग्ध APK फाइल भेजकर ठगी करने का भी आरोप है।
जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल नंबरों और IMEI नंबरों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से जुड़ी शिकायतें दर्ज हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
देवघर पुलिस ने शरीफ अंसारी, रिंकू अंसारी, नूर मोहम्मद अंसारी, नितीश कुमार, राहुल कुमार, निरंजन दास, मिथुन कुमार दास, सूरज कुमार दास, राहुल कुमार, बबलू कुमार और मोहम्मद रियाज को गिरफ्तार किया है।
पुलिस बरामद मोबाइल फोन, सिम कार्ड और उनसे जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर मामले की आगे जांच कर रही है।


