गुमला: शहर में भारी वाहनों की तेज रफ्तार को लेकर सड़क सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल गुमला शहरी क्षेत्र में भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर सुबह 7:30 बजे से रात 8 बजे तक रोक रहती है। इसके बाद नो-एंट्री खत्म होते ही भारी वाहन शहर से गुजरने लगते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के शुरुआती घंटों में भी बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में तेज रफ्तार ट्रकों से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए नो-एंट्री का समय रात 10 बजे तक बढ़ाने की मांग की जा रही है।
शाम के समय दुकानों, बाजारों और प्रमुख सड़कों पर लोगों की आवाजाही रहती है। काम से लौट रहे लोग, दोपहिया चालक और पैदल यात्री भी इसी दौरान सड़कों का इस्तेमाल करते हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नो-एंट्री खत्म होने के बाद कुछ भारी वाहन चालक शहरी क्षेत्र में तेज गति से वाहन चलाते हैं, जिससे आम लोगों की सुरक्षा प्रभावित होती है।
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लोगों की मांग है कि प्रशासन मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करे और शाम के व्यस्त समय में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक की अवधि बढ़ाने पर विचार करे।


