हजारीबाग में भारी बारिश की आशंका के बीच JSSC का बड़ा फैसला

तीन दिनों की शारीरिक दक्षता परीक्षा स्थगित
अभ्यर्थियों को मिला तैयारी का अतिरिक्त समय
रांची। झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सहायक कारापाल प्रतियोगिता परीक्षा-2025 से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर है। चक्रवात ‘अरनव’ के प्रभाव से संभावित भारी बारिश और मैदान गीला होने की आशंका को देखते हुए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने शारीरिक मापदंड एवं दक्षता परीक्षा के कार्यक्रम में आंशिक बदलाव किया है। आयोग ने 30 अक्टूबर 2026 को आवश्यक सूचना-05 जारी कर हजारीबाग में आयोजित होने वाली शारीरिक परीक्षा की तारीखों को आगे बढ़ा दिया है।
आयोग के विज्ञापन संख्या 05/2025 एवं 06/2025 के तहत झारखंड सहायक कारापाल प्रतियोगिता परीक्षा-2025 की शारीरिक मापदंड एवं दक्षता परीक्षा 28 अक्टूबर 2026 से राज्य के तीन चयन पर्षदों के माध्यम से आयोजित की जा रही है। लेकिन मौसम की संभावित चुनौती ने भर्ती प्रक्रिया के एक महत्वपूर्ण चरण का कार्यक्रम बदल दिया है। इससे उन अभ्यर्थियों को राहत मिली है, जिन्हें खराब मौसम और मैदान की स्थिति के कारण परीक्षा में परेशानी होने की आशंका थी।
कर्जन ग्राउंड में तीन दिन की परीक्षा स्थगित
आयोग की नई सूचना के मुताबिक चयन पर्षद-02 के अंतर्गत हजारीबाग एवं कोयला क्षेत्र के अभ्यर्थियों की परीक्षा कर्जन ग्राउंड (पुराना बस स्टैंड के पास), हजारीबाग में आयोजित होनी थी। पहले 29, 30 और 31 अक्टूबर 2026 को होने वाली परीक्षा अब क्रमशः 10, 11 और 12 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी।
इसका सीधा मतलब है कि जिन अभ्यर्थियों को इन तीन तारीखों में शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होना था, उन्हें अब नवंबर में अपनी शारीरिक क्षमता साबित करने का अवसर मिलेगा। हालांकि आयोग ने स्पष्ट किया है कि शारीरिक मापदंड एवं दक्षता परीक्षा का शेष कार्यक्रम पूर्व निर्धारित समय के अनुसार ही जारी रहेगा।
पहले भी मौसम और परिस्थितियों ने बदला है भर्ती परीक्षाओं का कार्यक्रम
झारखंड में सरकारी नौकरियों की बहाली के दौरान शारीरिक दक्षता परीक्षा का कार्यक्रम बदलने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई मौकों पर मौसम, प्रशासनिक व्यवस्था और अभ्यर्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भर्ती प्रक्रिया में बदलाव करना पड़ा है।
इसका एक बड़ा उदाहरण वर्ष 2024 की उत्पाद सिपाही भर्ती है। अगस्त 2024 में शुरू हुई उत्पाद सिपाही शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान कई अभ्यर्थियों की मौत की घटनाओं ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था। पुलिस की ओर से उस समय 12 अभ्यर्थियों की मौत की पुष्टि की गई थी। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर 3 से 5 सितंबर तक शारीरिक दक्षता परीक्षा स्थगित की गई थी। इसके बाद सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर 10 सितंबर से परीक्षा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया गया।
परीक्षा दोबारा शुरू करते समय मेडिकल सुविधाओं, एंबुलेंस, ऑक्सीजन और ब्लड प्रेशर जांच की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया था। साथ ही दौड़ के समय और अभ्यर्थियों की संख्या को लेकर भी नए प्रबंध किए गए थे।
इस घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया था कि बड़ी संख्या में युवाओं की शारीरिक परीक्षा आयोजित करते समय मौसम, मैदान की स्थिति और स्वास्थ्य सुरक्षा को कितनी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
2026 में भी बदला भर्ती परीक्षा का कार्यक्रम
सहायक कारापाल भर्ती-2025 की मौजूदा प्रक्रिया में भी मौसम के कारण कार्यक्रम में बदलाव देखने को मिल रहा है। इससे पहले इसी भर्ती के चयन पर्षद-01 के तहत रांची के डोरंडा स्थित जैप-1 मैदान में 28 से 31 अक्टूबर को प्रस्तावित शारीरिक परीक्षा को भी संभावित भारी बारिश के मद्देनजर आगे बढ़ाया गया था। उसके लिए 18 से 21 नवंबर की नई तारीखें निर्धारित की गई थीं।
अब हजारीबाग के कर्जन ग्राउंड की परीक्षा की तारीखों में भी संशोधन किया गया है। लगातार बदलते कार्यक्रम से यह साफ है कि आयोग और प्रशासन इस बार शारीरिक परीक्षा के आयोजन में मौसम और मैदान की अनुकूलता को महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
अभ्यर्थियों के लिए बढ़ा तैयारी का समय, क्या बदलेंगी आगे की संभावनाएं?
परीक्षा की तारीख आगे बढ़ने से हजारीबाग के अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए लगभग 10 से 12 दिनों का अतिरिक्त समय मिल गया है। यह समय उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, जो शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं। हालांकि तारीख बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि परीक्षा के मानकों में भी कोई बदलाव किया गया है।
इस फैसले से एक नई संभावना यह भी बनती है कि यदि मौसम की परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं तो नवंबर में शेष शारीरिक परीक्षाओं को निर्धारित समय पर पूरा करने का प्रयास किया जा सकता है। दूसरी ओर, यदि मौसम की स्थिति फिर प्रतिकूल होती है तो प्रशासन को परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था और समय-सारिणी पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है। फिलहाल आयोग ने ऐसी किसी दूसरी संभावित स्थगन की घोषणा नहीं की है।
भर्ती प्रक्रिया का अगला चरण भी अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण होगा। शारीरिक दक्षता परीक्षा पूरी होने के बाद आगे की चयन प्रक्रिया को लेकर आयोग की ओर से जारी होने वाली सूचनाओं पर नजर रहेगी। परीक्षा के कार्यक्रम में बदलाव का असर आगे की समय-सारिणी पर पड़ सकता है, लेकिन इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
प्रवेश पत्र दोबारा डाउनलोड करने की जरूरत नहीं
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने अभ्यर्थियों को एक महत्वपूर्ण राहत भी दी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों को दोबारा प्रवेश पत्र डाउनलोड करना अनिवार्य नहीं है। यानी पहले से जारी प्रवेश पत्र को लेकर अभ्यर्थियों को अनावश्यक परेशानी नहीं उठानी होगी।
आयोग ने अभ्यर्थियों को अपनी आधिकारिक वेबसाइट https://jssc.jharkhand.gov.in का नियमित अवलोकन करने का निर्देश दिया है। परीक्षा से संबंधित किसी भी नए बदलाव या आवश्यक निर्देश की जानकारी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।
84 पदों की बहाली, 56 हजार से अधिक अभ्यर्थियों की नजर
सहायक कारापाल प्रतियोगिता परीक्षा-2025 की बहाली प्रक्रिया झारखंड के युवाओं के लिए रोजगार की एक महत्वपूर्ण उम्मीद है। इस भर्ती के तहत 84 पदों पर नियुक्ति होनी है। शारीरिक मापदंड एवं दक्षता परीक्षा के लिए 56 हजार से अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने की जानकारी पूर्व में जारी कार्यक्रम में सामने आई थी। परीक्षा को तीन चयन पर्षदों के माध्यम से रांची, हजारीबाग और गोड्डा के परीक्षा केंद्रों पर आयोजित करने की व्यवस्था की गई है।
इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की शारीरिक परीक्षा आयोजित करना आयोग और जिला प्रशासन के लिए भी एक बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में मैदान की स्थिति, अभ्यर्थियों की सुरक्षा, पारदर्शिता और समयबद्ध आयोजन जैसे पहलू महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
अब नवंबर की परीक्षा पर टिकी निगाहें
हजारीबाग में परीक्षा की तारीख बदलने के बाद अब अभ्यर्थियों की निगाहें 10, 11 और 12 नवंबर पर टिक गई हैं। 2024 की उत्पाद सिपाही भर्ती में सामने आई चुनौतियों और मौजूदा भर्ती प्रक्रिया में मौसम के कारण हो रहे बदलावों ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि झारखंड में शारीरिक दक्षता परीक्षाओं का आयोजन मौसम और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाना कितना जरूरी है।
फिलहाल आयोग का फैसला अभ्यर्थियों की सुरक्षा और परीक्षा के सुचारु संचालन की दिशा में उठाया गया कदम माना जा सकता है। अब देखना होगा कि नवंबर में मौसम कितना अनुकूल रहता है और आयोग निर्धारित नई तारीखों पर परीक्षा संपन्न कराने में कितना सफल होता है। हजारों युवाओं के लिए यह सिर्फ तारीखों में बदलाव नहीं, बल्कि सरकारी नौकरी की उम्मीद से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पड़ाव है


