रांची। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा है कि प्रतिभा किसी शहर या गांव की सीमाओं में बंधी नहीं होती। छोटे शहरों और दूर-दराज के गांवों में रहने वाले बच्चे भी अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। विद्यार्थियों को अपने सपनों के लिए पूरे समर्पण के साथ मेहनत करनी चाहिए और अपनी प्रतिभा का इस्तेमाल देश व राज्य के विकास में करना चाहिए।

राज्यपाल शुक्रवार को लोक भवन में गुमला के क्रिएटिव यूनिक डिस्कवरी प्लेटफॉर्म से जुड़े मेधावी और रचनात्मक विद्यार्थियों के साथ संवाद कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा, करियर, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
केवल अच्छे अंक नहीं, ज्ञान और संस्कार भी जरूरी
राज्यपाल ने कहा कि गुमला अपनी जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक विशेषताओं के लिए जाना जाता है। यहां के बच्चों में प्रतिभा और रचनात्मकता की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने गुमला के अपने पूर्व दौरों और साइंस सेंटर के अवलोकन का भी जिक्र किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना नहीं है, बल्कि ज्ञान, समझ और अच्छे संस्कार विकसित करना भी है। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य तय कर उसी के अनुरूप तैयारी करनी चाहिए। डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, वैज्ञानिक, प्रशासनिक या पुलिस अधिकारी अथवा खिलाड़ी बनने का सपना हो, उसे पूरा करने के लिए लगातार प्रयास जरूरी है।
सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई, अनुशासन और समय के सही इस्तेमाल को सफलता का आधार बताया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों में भी हिस्सा लेना चाहिए। मोबाइल का सीमित उपयोग करें और नियमित अध्ययन की आदत डालें। किसी विषय को समझने में परेशानी हो तो शिक्षकों और सहपाठियों से मदद लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के साथ अच्छा इंसान बनना भी जरूरी है। ईमानदारी, विनम्रता, अनुशासन और दूसरों की मदद करने की भावना को जीवन में अपनाने के साथ माता-पिता, शिक्षकों और समाज का सम्मान करना चाहिए।
विकसित भारत@2047 में युवाओं की अहम भूमिका
राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। विद्यार्थियों को अभी से अपने भीतर जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करनी चाहिए। उन्होंने अपनी प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग समाज की बेहतरी के लिए करने तथा अपने परिवार, गुमला, झारखंड और देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
विद्यार्थियों को दिलाई नशामुक्ति की शपथ
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने विद्यार्थियों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और भविष्य को प्रभावित करता है। युवाओं को खुद नशे से दूर रहने के साथ अपने परिवार और समाज के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना चाहिए। उन्होंने नशामुक्त झारखंड और नशामुक्त भारत के निर्माण में विद्यार्थियों से सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।


