आदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत… लेकिन मौत से ठीक दो घंटे पहले सोशल मीडिया पर किया गया उनका आखिरी लाइव अब कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है। आखिर ऐसा क्या हुआ था कि निशा भगत को कैमरे के सामने रोकर अपना दर्द बयां करना पड़ा? उन्होंने लाइव में अजय तिर्की का नाम लिया और आरोप लगाया कि जमीन माफिया उन्हें और उनके परिवार को प्रताड़ित कर रहे हैं।

इतना ही नहीं, मौत से एक दिन पहले निशा ने सिमडेगा के 20 एकड़ आदिवासी जमीन घोटाले को लेकर पुष्कर बड़ाइक और ज्योत्सना केरकेट्टा की तस्वीरें साझा की थीं। पुष्कर बड़ाइक पर एक आदिवासी परिवार के साथ जमीन की खरीद-बिक्री में धोखाधड़ी और पैसे लेने का गंभीर आरोप लगाया था। इस मामले से जुड़े साक्ष्य और दस्तावेज उन्होंने झारखंड डिजिटल की टीम को भी सौंपे थे।

वहीं, मौत से दो दिन पहले अजय तिर्की ने एक निजी मीडिया संस्थान से बातचीत में निशा भगत के चरित्र और निजी संबंधों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।
अजय तिर्की की टिप्पणी सवालों के घेरे में …
निशा भगत की मौत से दो दिन पहले अजय तिर्की ने एक निजी मीडिया संस्थान से बातचीत के दौरान उनके निजी जीवन और चरित्र को लेकर कई टिप्पणियां की थीं। बातचीत में उन्होंने निशा भगत के कई पुरुषों के साथ संबंध होने तक का दावा किया था।

किसी महिला के निजी जीवन और चरित्र को सार्वजनिक मंच पर इस तरह निशाना बनाने का मामला बेहद गंभीर है।
जाने माने जमीन कारोबारियों में अजय तिर्की के नाम है शामिल
अजय तिर्की झारखण्ड के जाने माने जमीन कारोबारियों में से एक माने जा जाते है । लिस्ट में इनका नाम आना ही आना है। बताते चलें कि निशा भगत ने आत्महत्या से पूर्व फेसबुक पर लाइव आकर जमीन माफियों द्वारा प्रताड़ित होने की बात कही थी । जिसमें अजय तिर्की का नाम खुले तौर पर लिया गया था ।
झारखण्ड डिजिटल की टीम ने इसे प्रमुखता से उठाया था
झारखण्ड डिजिटल की टीम ने इसे प्रमुखता से उठाया था और इसका वीडियो साझा किया था । जिसमें खुले तौर पर देखा जा रहा था कि कैसे अजय तिर्की – निशा भगत पर आक्रामक तरीके से उनका चरित्र का आकलन कर रहे थे । लेकिन शाजिशकर्ताओं और षड़यंत्र रच कर उस वीडियो को रिपोर्ट कर डाउन कर दिया गया । यह बेहद चिंता का विषय है कि जब संवेदनशील घटना को उजाकर किया जाता है तो कुछ माफियाओं के द्वारा उसे रिपोर्ट करके हटा दिया जाता है ।
जवाबदेही किसकी ?
सोशल मीडिया पर सब कुछ मौजूद हैं । किसी महिला के बारे में इतनी खुले तौर पर चरित्र का आकलन करना वो भी इस कदर की वह आत्महत्या कर ले – किस हद तक जायज है ? क्या इन सब पहलुओं को नजर में रख कर प्रशासन करवाई करेगी या ऐसे ही सोशल मीडिया का फायदा उठाते हुए किसी भी महिला को मानसिक तौर पर प्रताड़ित करके भू माफिआ ऐसे ही घूमते रहेंगे ?


