झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC CGL परीक्षा विवाद में सफल अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने परीक्षा और इसके आधार पर हुई नियुक्तियों को सामूहिक रूप से रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश को निरस्त कर दिया है। सरकार के इस फैसले के खिलाफ सफल अभ्यर्थी आकाश गौरव समेत अन्य उम्मीदवारों ने अदालत में याचिका दायर की थी।

कथित अनियमितताओं के बाद रद्द हुई थी नियुक्तियां
JSSC CGL परीक्षा में पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों की जांच CID कर रही थी। जांच रिपोर्ट और अभ्यर्थियों के आंदोलन का हवाला देते हुए राज्य सरकार ने पूरी परीक्षा प्रक्रिया और उसके आधार पर हुई नियुक्तियां रद्द करने का फैसला लिया था।
याचिकाकर्ताओं ने इस निर्णय को चुनौती देते हुए दलील दी थी कि कुछ अभ्यर्थियों पर गड़बड़ी के आरोपों के आधार पर सभी सफल उम्मीदवारों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उनका कहना था कि CID जांच में संदिग्ध लोगों की पहचान हुई है, इसलिए दोषियों और निष्पक्ष तरीके से परीक्षा पास करने वालों के बीच अंतर किया जाना चाहिए।
सरकार ने रखी अनियमितताओं की दलील
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने सीलबंद रिपोर्ट पेश कर परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और व्यवस्था में खामियों का पक्ष रखा। वहीं, अदालत ने प्रश्नपत्र लीक होने के पुख्ता और आधिकारिक साक्ष्यों को लेकर सवाल उठाए थे। अब अदालत ने सरकार के सामूहिक रद्दीकरण के आदेश को खारिज कर दिया है।
CID जांच रहेगी जारी
हाईकोर्ट के फैसले से चयनित और नियुक्त अभ्यर्थियों को राहत मिली है, लेकिन कथित धांधली की CID जांच जारी रहेगी। अदालत के विस्तृत आदेश की प्रति अभी आनी बाकी है। इसके सामने आने के बाद फैसले की वजह और उसके प्रभाव को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।


